झारखण्ड पुलिस में बड़ा प्रमोशन, 24 आयुधिक हवलदार बने अवर निरीक्षक; बढ़ेगा वेतन, लागू होंगी कई अहम शर्तें…

राँची। झारखण्ड पुलिस मुख्यालय ने 24 आयुधिक हवलदारों को बड़ी सौगात देते हुए उन्हें आयुधिक अवर निरीक्षक (आयुधिक जमादार) के पद पर पदोन्नत कर दिया है। केंद्रीय चयन पर्षद की बैठक में लिए गए निर्णय के बाद इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया गया। आदेश जारी होते ही सभी पदोन्नत कर्मियों की नियुक्ति नियमित रूप से प्रभावी मानी जाएगी।
वेतन और सुविधाओं में मिलेगा बड़ा लाभ
प्रमोशन के साथ ही सभी नवपदस्थ आयुधिक अवर निरीक्षकों को पे-बैंड–II (₹9,300–34,800), ग्रेड पे ₹4,200 और पे-मैट्रिक्स लेवल-6 का लाभ मिलेगा। नए वेतनमान का आर्थिक लाभ उसी दिन से देय होगा, जिस दिन संबंधित अधिकारी नए पद पर योगदान देंगे।
इन 24 पुलिसकर्मियों को मिला प्रमोशन
– रामबीर मोची – राँची
– कमलेश राम – जैप-08
– दुधेश्वर पासवान – रेल धनबाद
– नेतीलाल राम – कोडरमा
– विनोद कुमार निराला – रामगढ़
– मदन बैठा – जैप-10
– जितेन्द्र प्रधान – सीटीसी मुसाबनी
– शशिभूषण कुमार – जैप-05
– अजय कुमार सिंह – जैप-04
– अमरनाथ झा – जैप-03
– रूपेश कुमार – जैप-07
– संजय कुमार सिंह – जेपीए हजारीबाग
– संजय कुमार – झारखण्ड जगुआर
– अरुण कुमार सिंह – झारखण्ड जगुआर
– वंशीधर बारिक – राँची
– रूपेश गुरुंग – जैप-01
– कौलेश्वर राम – रामगढ़
– गिरिन्द्र सिंह कुन्टिया – जमशेदपुर
– समीर प्रकाश खलखो – जैप-02
– संतोष कुमार राम – विशेष शाखा
– ब्रह्मचन्द भगत – गुमला
– लखन कच्छप – जैप-02
– रुबेनुस कुजूर – गुमला
– रोशिता तिग्गा – जैप-10
प्रमोशन के साथ लागू होंगी सख्त शर्तें
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि जिन अधिकारियों ने अभी तक हिन्दी टिप्पण एवं प्रारूपण परीक्षा पास नहीं की है, उन्हें पदोन्नति की तिथि से एक वर्ष के भीतर परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। निर्धारित अवधि में परीक्षा पास नहीं करने पर उन्हें मूल पद पर वापस भेजा जा सकता है।इसके अलावा यदि भविष्य में किसी वरिष्ठ कर्मी को न्यायालय के आदेश या सेवा अभिलेख के आधार पर पदोन्नति मिलती है, तो इन अधिकारियों की वरीयता में बदलाव संभव होगा। वहीं, जिन कर्मियों के खिलाफ कोई न्यायिक मामला लंबित है, विभागीय जांच चल रही है या पिछले तीन वर्षों में उन्हें कोई बड़ा दंड मिला है, उन्हें इस पदोन्नति का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे मामलों की जांच कर रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
झारखण्ड पुलिस मुख्यालय का यह फैसला न केवल 24 पुलिसकर्मियों के करियर में बड़ा बदलाव लेकर आया है, बल्कि इससे पुलिस बल में पदोन्नति की प्रक्रिया को भी नई गति मिली है।

