जमशेदपुर में कानून-व्यवस्था तार-तार: पीसीआर वैन से खींचकर युवक पर चापड़ से हमला, तमाशबीन बनी रही पुलिस!

 

जमशेदपुर।लौहनगरी में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें खाकी का रत्ती भर भी खौफ नहीं रह गया है। शनिवार की रात बिष्टुपुर के पॉश इलाके में जो कुछ भी हुआ, उसने जमशेदपुर पुलिस की मुस्तैदी और इकबाल पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। शहर के बीचों-बीच, पुलिस की मौजूदगी में अपराधियों ने जो तांडव मचाया, उसका रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी फुटेज अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

घटना शनिवार देर रात बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के डीडी बार के ठीक सामने की है। जानकारी के अनुसार, युवकों के दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्ष सड़क पर ही आपस में भिड़ गए। गाली-गलौज से शुरू हुआ मामला मारपीट तक पहुंच गया और देखते ही देखते बिष्टुपुर की मुख्य सड़क रणक्षेत्र में तब्दील हो गई।

इस पूरी वारदात का जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, वह पुलिसिया तंत्र को शर्मसार करने के लिए काफी है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि विवाद के बाद कुछ युवक अपनी जान बचाने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस की पीसीआर वैन में घुस जाते हैं। अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ा हुआ था कि उन्होंने पुलिस की गाड़ी का भी लिहाज नहीं किया। दबंगों ने पुलिस वैन के अंदर हाथ डालकर युवकों को जबरन बाहर खींच लिया। वैन से नीचे गिराने के बाद अपराधियों ने युवकों को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इसी बीच एक अपराधी ने धारदार हथियार (चापड़) निकाला और ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस खूनी हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


इस पूरी घटना का सबसे शर्मनाक पहलू यह रहा कि जब अपराधी पुलिस की गाड़ी से युवकों को खींचकर चापड़ मार रहे थे, तब गाड़ी में मौजूद पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे। कानून के रखवाले अपनी आंखों के सामने कानून की धज्जियां उड़ते देखते रहे, लेकिन अपराधियों को रोकने या उन्हें दबोचने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। बड़ा सवाल यह है कि अगर आम जनता की सुरक्षा के लिए तैनात पीसीआर वैन के अंदर भी लोग सुरक्षित नहीं हैं, और पुलिस अपराधियों के सामने इतनी बेबस और लाचार नजर आएगी, तो आम शहरी किसके भरोसे घर से बाहर निकलेगा?

बिष्टुपुर जैसे व्यस्त और वीआईपी इलाके में हुई इस चापड़बाजी ने यह साबित कर दिया है कि जमशेदपुर में अपराधियों का मनोबल सातवें आसमान पर है और पुलिस पूरी तरह से लाचार हो चुकी है। इस घटना के बाद से स्थानीय व्यवसायियों और आम लोगों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है। अब देखना यह है कि इस शर्मनाक वीडियो के सामने आने के बाद जिला पुलिस के आला अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं। क्या उन मूकदर्शक पुलिसकर्मियों पर गाज गिरेगी? और सबसे बड़ा सवाल—क्या इन बेखौफ अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा या जमशेदपुर की जनता यूं ही अपराधियों के रहम-ओ-करम पर जीने को मजबूर रहेगी?

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