बर्निंग ट्रेन बनते-बनते बचा वंदे भारत एक्सप्रेस, धुआं उठने से यात्रियों में हड़कंप, बड़ा हादसा टला

 

चाइबासा।चक्रधरपुर रेल मंडल के टुनिया में हावड़ा-राउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस (20871) ट्रेन बड़े हादसे का शिकार होने से बच गई।वंदे भारत ट्रेन में हॉट एक्सेल होने के कारण इंजन से धुआं निकलने लगा।धुआं देखकर आगजनी की आशंका जताते हुए वंदे भारत एक्सप्रेस के लोको पायलटों ने ट्रेन को टुनिया में रोक दी। जिसको देखते हुये वंदे भारत एक्सप्रेस के यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।वंदे भारत के यात्री एक-एक कर ट्रेन से नीचे उतर गये।इस हादसे की सूचना पाकर अनन-फनन में चार सायरन बजाया गया, जिससे रेलकर्मियों में हड़कंप मच गई।

रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि वंदे भारत ट्रेन में हॉट एक्सेल के कारण इंजन से धुआं निकल रहा था। चक्रधरपुर रेल मंडल में चलती ट्रेन में हॉट एक्सेल का पता लगाने के लिए जगह-जगह यंत्र लगाये गये हैं।जो पहिये की तापमान की जांच कर हॉट एक्सेल का पता लगाते हैं। यह यंत्र इतना कारगर है कि कोच की संख्या की भी सूचना देता है। जिससे ट्रेनों में हॉट एक्सेल से आग लगने के मामलों में काफी हद तक कमी आयी है।

दोपहर 12.40 बजे चक्रधरपुर में चार हूटर बजाये गये। जिससे चक्रधरपुर स्टेशन में रेलकर्मियों में अफरा-तफरा मच गई। दोपहर 1.40 बजे चक्रधरपुर से एक्सीडेंट रीलिफ ट्रेन (एआरटी) को टुनिया भेजा गया। जिसके बाद टुनिया में रुकी वंदे भारत एक्सप्रेस के इंजन का हॉट एक्सेल पहिया को दुरुस्त करने का काम शुरू हुआ।इसकी वजह से ट्रेन टुनिया में करीब डेढ़ घंटे तक रुकी रही।जिसके बाद वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को गंतव्य स्टेशन राउरकेला ले जाया गया।

रेल मंडल के अधिकारियों के आदेश पर इस हादसे से डरे सहमे वंदे भारत एक्सप्रेस के सभी यात्रियों को दुरंतो एक्सप्रेस में शिफ्ट किया गया।उन्हें टुनिया से राउरकेला गंतव्य स्टेशन के लिये भेजा गया।ट्रेन में कई यात्री थे, जो हावड़ा से राउरकेला आ रहे थे।सभी यात्रियों को सुरक्षित राउरकेला पहुंचाया गया।इस पर यात्रियों ने बताया कि इंजन के पास से धुआं निकल रहा था, जलने की गंद आ रही थी। जिससे आग लगने की संभावना जताते हुए यात्री काफी डर गए। टुनिया में ट्रेन को रोके जाने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।

रेलवे इंजीनियर के अनुसार,एक्सेल से जुड़ा एक्सेल बॉक्स में चिकनाई बनाये रखने के लिये ग्रिस या तेलीय पदार्थ का इस्तेमाल किया जाता है। जिससे एक्सेल अपने एक्सेल बॉक्स में अच्छी तरह से धूम सके, लेकिन किसी तरह लौह अयस्क व धूलकण की वजह से एक्सेल अपने एक्सेल बॉक्स में घूम नहीं पाता है, जिससे घर्षण से एक्सेल बॉक्स काफी गर्म हो जाता है।एक्सेल बॉक्स का ग्रिस व तेलीय पदार्थ होने के कारण गर्म होने से गंद व धुआं निकलता है,रात में कभी-कभी यह एक्सेल बॉक्स गर्म होकर लाल बत्ती की तरह जलने लगता है और सीटी बजने जैसा आवाज सुनाई देता है। इससे ही कोच में आगजनी की संभावना होती है।

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