Ranchi:रिम्स के बाद हरमू नदी, बड़ा तालाब और डैम होंगे अतिक्रमण मुक्त… हाईकोर्ट का आदेश- दो हफ्ते में करें अतिक्रमण मुक्त
राँची।राजधानी के हरमू नदी, बड़ा तालाब और कांके, धुर्वा जैसे प्रमुख डैमों के आसपास फैले अतिक्रमण को झारखण्ड हाईकोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर हटाने का सख्त निर्देश दिया है। जलाशयों के कैचमेंट एरिया पर हुए अवैध कब्जे और प्रदूषण पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा है कि पानी के स्रोत बचाने के लिए अब देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है।झारखण्ड हाई कोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार ने बताया कि खंडपीठ ने स्पष्ट किया है जिला प्रशासन और नगर निगम मिलकर दो सप्ताह के भीतर अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश दिया है। साथ ही प्लास्टिक कचरा से मुक्त करने और इसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराया जाए, अन्यथा अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी को होगी।
उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने बड़ा तालाब, हरमू नदी और डैमों के आसपास बने अवैध निर्माण चिन्हित कर त्वरित अभियान चलाने को कहा है।अदालत ने निर्देश दिया है कि अतिक्रमण हटाने के बाद इन क्षेत्रों को नो-एंट्री जोन घोषित कर कंटीले तारों से घेरा जाए, ताकि भविष्य में कोई कब्जा न हो सके।
नगर निगम की ओर से अधिवक्ता एलसीएन शाहदेव ने पक्ष रखा। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता खुशबू कटारिका ने बड़ा तालाब से गाद और कचरा हटाने के लिए विशेषज्ञों की रिपोर्ट अब तक सरकार के स्तर पर पेश नहीं किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुक्तिधाम के पास हरमू नदी में प्लास्टिक और कचरा भरा रहता है।खंडपीठ ने कांके डैम, धुर्वा डैम, गेतलसूद डैम जैसे जल स्रोतों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए की गई कार्रवाई पर असंतोष जाहिर की है।
बता दें कि इसी महीने झारखण्ड हाईकोर्ट ने रिम्स परिसर की करीब 10 एकड़ जमीन पर हुए अवैध कब्जे को गंभीरता से लेते हुए 72 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। इस मामले में अब तक दर्जनों कच्चे मकान तोड़े जा चुके हैं। कई क्षेत्र को कब्जे से मुक्त किया जा चुका है।अब एक बहू मंजिलें अपार्टमेंट पर कार्रवाई चल रही है।

