Ranchi:एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, ईडी समन अवहेलना का मामला…
राँची।झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन प्रवर्तन निदेशालय के समन की अवहेलना से जुड़े मामले में शनिवार को राँची सिविल कोर्ट के एमपी/एमएलए कोर्ट में उपस्थित हुए।आज कोर्ट में पेश होने के बाद उन्हें अगली तारीख पर उपस्थित होने से छूट मिल गई।अब वह अगली सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में शामिल हो सकते हैं।कोर्ट में उनके मामले की सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन और अधिवक्ता प्रदीप चंद्रा भी उपस्थित थे।
हाईकोर्ट ने पिछले दिनों उनकी ओर से दाखिल व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें एमपी/एमएलए कोर्ट में बेल बांड जमा करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट के इसी आदेश के आलोक में सीएम हेमंत सोरेन एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश सार्थक शर्मा की अदालत में हाजिर हुए।सीएम हेमंत सोरेन ने इस दौरान सात-सात हजार के दो बेल बॉन्ड भी भरे।भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सिविल कोर्ट पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन न्यायिक कार्य के बाद सीधे अपने आवास के लिए रवाना हुए।जिस समय कोर्ट के समक्ष मुख्यमंत्री हाजिर हुए,उनके साथ महाधिवक्ता राजीव रंजन सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता कोर्ट में मौजूद थे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से इस मामले में पक्ष रख रहे अधिवक्ता प्रदीप चंद्रा ने जानकारी देते हुए कहा कि इस केस में हाईकोर्ट के निर्देशानुसार आगे मुख्यमंत्री को कोर्ट के समक्ष उपस्थित नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी। जिसमें मुख्यमंत्री को उपस्थित होना आवश्यक नहीं है। अगली सुनवाई में अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट के समक्ष पक्ष रखा जा सकता है।
ईडी समन अवहेलना मामले में प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा दाखिल शिकायत के बाद इस केस में सुनवाई शुरू हुई थी। हालांकि बीते 3 दिसंबर को इस मामले में सीएम को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली थी।जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने सीएम हेमंत सोरेन को सिर्फ 6 दिसंबर को एमपी-एमएलए कोर्ट में उपस्थित होने के आदेश देते हुए ट्रायल के दौरान व्यक्तिगत पेशी की अनिवार्यता हटा दी थी।
कोर्ट ने व्यक्तिगत पेशी की अनिवार्यता हटाने के साथ यह भी कहा था कि अगर ट्रायल कोर्ट किसी विशेष कारण से उन्हें उपस्थित होने के लिए कहेगा तो उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या व्यक्तिगत उपस्थिति देनी होगी। यह मामला ED द्वारा 19 फरवरी 2024 को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है।जिसमें हेमंत सोरेन पर आठ समन अवहेलना का आरोप है।

