बालाजी बस तीसरी बार दलदल में फंसी, बेतला-गारू मार्ग पर घंटों थमा रहा आवागमन

लातेहार। बेतला-गारू मुख्य मार्ग पर बरसात के दौरान सड़क की बदहाल स्थिति यात्रियों और ग्रामीणों के लिए लगातार मुसीबत बनती जा रही है। सोमवार को लातेहार से लात जा रही बालाजी यात्री बस लाभर पिकेट से आगे टोंगारी के बीच सड़क पर बने गहरे दलदल में फंस गई। बीच सड़क पर बस के फंसते ही दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रुक गई और देखते ही देखते सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब एक घंटे तक इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।
दलदल में बस का पहिया बुरी तरह धंस गया। चालक ने काफी प्रयास कर बस को निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद बस में सवार यात्रियों को नीचे उतारना पड़ा। काफी देर तक इंतजार के बाद यात्रियों और ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाला। ग्रामीणों की मदद से रस्सी की व्यवस्था की गई और सामूहिक प्रयास से बस को दलदल से बाहर निकाला गया। बस के हटने के बाद ही सड़क पर वाहनों का परिचालन दोबारा शुरू हो सका।
एक ही महीने में तीसरी बार फंसी बस
सबसे गंभीर बात यह है कि बालाजी बस के इसी स्थान पर फंसने की यह पहली घटना नहीं है। अगस्त महीने में तीसरी बार बस इसी दलदल में फंसी है। इससे पहले 7 अगस्त और फिर 19 अगस्त को भी यही बस इसी स्थान पर फंस चुकी है। बार-बार एक ही जगह बस के फंसने से ग्रामीणों में सड़क की स्थिति को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर बार वाहन फंसने के बाद स्थानीय लोगों को ही आगे आकर रास्ता साफ कराना पड़ता है। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा है और संबंधित विभाग व संवेदक की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
बारिश होते ही सड़क बन जाती है दलदल
लात पंचायत के अंतर्गत करीब दो दर्जन गांव आते हैं, जहां 10 हजार से अधिक लोग रहते हैं। इन गांवों के लिए लाभर-टोंगारी मुख्य सड़क जिला मुख्यालय और दूसरे इलाकों तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग है। ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के मौसम में इस सड़क की स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
हल्की बारिश के बाद ही सड़क के कई हिस्से पानी और कीचड़ से भर जाते हैं। गहरे गड्ढों और दलदल के कारण छोटे-बड़े वाहनों के फंसने और दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा लगातार बना रहता है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने और दलदली हिस्से का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की स्थिति नहीं सुधारी गई तो आने वाले दिनों में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल लगातार तीसरी बार यात्री बस के फंसने की घटना ने सड़क की बदहाली और विभागीय लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

