सेटिंग का खेल… खुद 5, पत्नी 3, भाई 2 और साले को 1 परीक्षा में दिलाई सफलता

-जेपीएससी और जेएसएससी में वेंडर एजेंसी TDPL के जरिए रची गई थी बिसात, सीआईडी चार्जशीट में खुला तिवारी परिवार की ‘चमत्कारी कामयाबी’ का राज.

राँची।आम प्रतियोगी छात्र एक अदद सरकारी नौकरी के लिए सालों-साल रात-दिन एक कर देते हैं, लेकिन झारखण्ड में रसूख और सांठगांठ का ऐसा खेल चला कि एक ही परिवार का हर सदस्य जिस परीक्षा में बैठा, वहीं ‘सफल’ होता चला गया। जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में हुई धांधली की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) के हाथ मुख्य अभियुक्त अभय कुमार तिवारी और उसके कुनबे से जुड़े ऐसे चौंकाने वाले दस्तावेज लगे हैं, जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था की साख को हिलाकर रख दिया है।सीआईडी की चार्जशीट में दर्ज विवरण के अनुसार, मुख्य अभियुक्त अभय कुमार तिवारी, उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और दो भाइयों ने मिलकर एक-दो नहीं, बल्कि कई-कई बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं एक साथ क्रैक कर लीं।

अभय खुद पांच व पत्नी को तीन परीक्षाओं में कराया सफल

अनुसंधान के दौरान तैयार की गई चार्टशीट तालिका बताती है कि मुख्य अभियुक्त अभय कुमार तिवारी ने खुद जेएसएससी स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा (PGTTCE 2023) में अंतिम रूप से चयनित होकर सफलता पाई. इसके बाद उसका जलवा जेएसएससी संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (CGL 2023) में दिखा, जहां उसने रैंक 48 हासिल किया और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद के लिए चयनित हुआ.।अभय की कामयाबी का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका; उसने जेपीएससी खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी (FSO) लिखित परीक्षा पास कर साक्षात्कार में उपस्थिति दर्ज कराई, जेपीएससी सहायक वन संरक्षक (ACF) प्रारंभिक परीक्षा पास की और जेपीएससी उपखंड पदाधिकारी (FAO) की प्रारंभिक परीक्षा में भी झंडे गाड़े।

पति के नक्शेकदम पर चलते हुए पत्नी सुषमा की किस्मत भी परीक्षाओं में खूब चमकी

पति के नक्शेकदम पर चलते हुए पत्नी सुषमा कुमारी की किस्मत भी परीक्षाओं में खूब चमकी. सीआईडी रिकॉर्ड के अनुसार, सुषमा कुमारी ने 14वीं झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा (विज्ञापन संख्या 01/2024) पास की. इसके अलावा उसने जेपीएससी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) की प्रारंभिक परीक्षा पास की और जेएसएससी संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (CGL 2023) में भी सफलता हासिल करने का दावा किया गया. परिवार में कामयाबी की यह ‘गंगा’ यहीं नहीं थमी; मुख्य अभियुक्त के भाई अक्षय कुमार तिवारी ने 14वीं झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा पास करने के साथ ही जेएसएससी सीजीएल 2023 में सफलता पाई. वहीं साले सौरव कुमार ने भी 14वीं झारखण्डसंयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा में बाजी मार ली।

सिस्टम हाईजैक कर बांटी नौकरियां

सीआईडी के अनुसार, परिवार के इस अजब-गजब और चमत्कारिक रिजल्ट के पीछे कड़ी मेहनत नहीं, बल्कि परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसियों की गहरी सांठगांठ थी. इन सभी परीक्षाओं के संचालन का जिम्मा मुख्य रूप से जेपीएससी व जेएसएससी की वेंडर एजेंसियों जैसे TDPL, WEBEL Technology Ltd और उसकी आउटसोर्स एजेंसी ICN India के पास था. जांच एजेंसी ने पाया है कि परीक्षा वेंडर एजेंसी टीडीपीएल के साथ मिलकर पूरे सिस्टम को हाईजैक किया गया और अपने ही चहेतों व परिवार के सदस्यों को मेरिट लिस्ट में जगह दिलवाई गई।सीआईडी अब इस पूरे’पारिवारिक चयन सिंडिकेट’के डिजिटल साक्ष्यों और अंदरूनी मिलीभगत की तह तक पहुंचने में जुटी है।

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