10 हजार दो, तभी मिलेगी ड्यूटी की कमान, होमगार्ड जवान से घूस मांगने वाला मुंशी ACB के जाल में फंसा…
पलामू।रिश्वतखोरी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने पलामू में बड़ी कार्रवाई की है। होमगार्ड कार्यालय में तैनात एक मुंशी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि मुंशी ने एक होमगार्ड जवान से ड्यूटी के लिए कमान (ड्यूटी आदेश) देने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। जवान से साफ कहा गया था कि 10 हजार रुपये दिए बिना उसे ड्यूटी की कमान नहीं मिलेगी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले का सत्यापन किया और जाल बिछाकर आरोपी को रिश्वत की रकम के साथ दबोच लिया।
चार महीने की ड्यूटी के बदले 10 हजार की मांग
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार,शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपनी ड्यूटी के लिए कमान लेने पलामू स्थित होमगार्ड (JHG) कार्यालय पहुंचा था। वहां अधिकारियों से मिलने के बाद उसे मुंशी सकेंद्र और तुलसी से मिलने को कहा गया। आरोप है कि दोनों ने ड्यूटी की कमान दिलाने के एवज में 10 हजार रुपये देने की बात कही। शिकायतकर्ता ने जब इस संबंध में साहब से मुलाकात की तो उन्होंने भी कथित तौर पर कहा कि चार महीने में 1.20 लाख रुपये मिलते हैं, ऐसे में 10 हजार रुपये देने में क्या परेशानी है।शिकायतकर्ता रिश्वत देकर काम नहीं कराना चाहता था। इसके बाद उसने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, पलामू के पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की शिकायत की।
सत्यापन में सही मिली रिश्वत मांगने की शिकायत
आवेदन मिलने के बाद एसीबी पलामू की टीम ने शिकायत में लगाए गए आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान होमगार्ड कार्यालय, जिला पलामू के मुंशी सकेंद्र उर्फ साकेश कुजूर द्वारा शिकायतकर्ता से ड्यूटी की कमान देने के बदले 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई। इसके बाद एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पलामू थाना कांड संख्या 06/2026, दिनांक 04.11.2026 दर्ज किया। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधन) 2018 की धारा 7(ए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
जाल बिछाकर रिश्वत लेते दबोचा
इसके बाद एसीबी की टीम ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया। विज्ञप्ति के मुताबिक, धावादल ने दंडाधिकारी और दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में आरोपी मुंशी सकेंद्र उर्फ साकेश कुजूर को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद होमगार्ड कार्यालय में रिश्वत मांगने का मामला चर्चा में है। ड्यूटी की कमान जैसे सरकारी कार्य के लिए भी जवान से पैसे मांगे जाने का आरोप व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

