पटना में झारखण्ड के रिटायर्ड इंजीनियर की रहस्यमयी मौत, कार में मिला शव… पास पड़ी थी पिस्टल

 

पटना। राजीव नगर थाना क्षेत्र की फ्रेंड्स कॉलोनी रोड नंबर-4 में शनिवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब जमुना पैलेस के नीचे खड़ी एक कार से झारखण्ड के रिटायर्ड इंजीनियर का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान मोतिहारी निवासी आलोक कुमार के रूप में हुई है। वह राँची रहते थे और सीसीएल में जनरल मैनेजर के पद से रिटायर हुए थे।सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आलोक कुमार की मौत कैसे हुई? कार की ड्राइविंग सीट पर शव, सिर में गोली और गेट के पास जमीन पर पड़ी पिस्टल ने पूरे मामले को रहस्यमयी बना दिया है।

कार में शव… बाहर पड़ी थी पिस्टल
बताया गया कि आलोक कुमार का शव कार की ड्राइविंग सीट पर पड़ा था। उनका सिर एक तरफ लुढ़का हुआ था और गोली कान के पीछे की तरफ लगी थी। वहीं कार के गेट के पास जमीन पर एक पिस्टल पड़ी मिली।मौके की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने फिलहाल प्रथम दृष्टया आत्महत्या की आशंका जताई है। हालांकि, मृतक के परिजन इस थ्योरी से सहमत नहीं हैं। परिवार की ओर से हत्या की आशंका जताई गई है।

घटना की सूचना मिलते ही राजीव नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल की जांच कर साक्ष्य जुटाये। अब पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल गोली चलने की परिस्थितियों और पिस्टल के कार से बाहर मिलने की वजह को लेकर है।

तीन दिन पहले बहन के घर पहुंचे थे
आलोक कुमार राँची के कांके रोड स्थित इंदिरा नगर, गोंडा थाना क्षेत्र में रहते थे। जानकारी के अनुसार वह करीब तीन दिन पहले पटना में अपनी बहन के घर आये थे। उनका बहन का घर फ्रेंड्स कॉलोनी के 302-F ब्लॉक में बताया गया है।बताया जा रहा है कि आलोक पहले भी यहां आते-जाते थे और सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए निकलते थे। इसी इलाके में उनकी झारखण्ड नंबर की कार खड़ी मिली, जिसके अंदर उनकी मौत हो चुकी थी।

गार्ड की सूचना के बाद खुला मौत का राज
परिजन विनोद कुमार के मुताबिक, गार्ड ने उन्हें सूचना दी कि एक कार काफी देर से लावारिस हालत में खड़ी है। सूचना मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे तो कार के अंदर आलोक कुमार का शव देखकर उनके होश उड़ गए।परिजनों का कहना है कि आलोक ने कभी किसी परेशानी की बात नहीं बताई थी। उनका एक बच्चा है, जो बाहर रहता है।

आत्महत्या या हत्या? जांच में खुलेगा राज
मृतक के परिजन गोली लगने की जगह को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि गोली कनपटी के बजाय कान के पीछे लगी है, जिससे उन्हें हत्या की आशंका है। हालांकि, यह परिजनों का दावा है और इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।अब पुलिस एफएसएल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम, हथियार की जांच और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर मौत की असली वजह तलाश रही है।

 

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