डोरंडा गोलीकांड में पुलिस का बड़ा एक्शन:पीड़ित बनकर एफआईआर दर्ज कराने वाला जावेद साले संग गिरफ्तार..

 

राँची। राजधानी राँची के डोरंडा थाना क्षेत्र में 13 सितंबर को हुए गोलीकांड के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साला-बहनोई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में जावेद अनवर (55), पिता स्व. जैनुल आबेदिन और उसका साला सकील अख्तर उर्फ बाबर (39), पिता स्व. मो. नईम, दोनों निवासी बेलदार मोहल्ला, जैन मंदिर रोड, डोरंडा शामिल हैं।खास बात यह है कि 13 सितम्बर की देर शाम 6 राउंड फायरिंग हुई थी।जावेद अनवर ने खुद को गोलीबारी का पीड़ित बताते हुए पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि अल्ताफ अंसारी हत्याकांड में गवाही देने से रोकने के लिए उसके घर के बाहर फायरिंग की गई। अब पुलिस ने उसी मामले में जावेद को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार किया है। उसके साथ उसके साले सकील उर्फ बाबर को भी दबोचा गया है।

दो गुटों के बीच खूनी टकराव के बाद दर्ज हुई थी दो एफआईआर

डोरंडा के ग्वाला टोली और लाइन मोहल्ला के लोगों के बीच विवाद के बाद दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। एक पक्ष ने जहां मारपीट, जानलेवा हमला, धमकी और फायरिंग का आरोप लगाया, वहीं दूसरे पक्ष ने कोर्ट में होने वाली गवाही को रोकने के लिए घर के बाहर गोली चलाने का आरोप लगाया था।ग्वाला टोली निवासी मो. सोयम गद्दी के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में मो. सज्जू, बाबर, जावेद अनवर, मिन्हाज कुरैशी, नवाज, बबन, ताबीज उर्फ हाका, सोनू कुरैशी सहित कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि 13 सितंबर की शाम जैन मंदिर के पास कई लोग लाठी-डंडे और लोहे के पाइप लेकर मौजूद थे। इसी दौरान बाइक से गुजर रहे सोयम और उसके साथी पर हमला किया गया।आरोप के अनुसार, उसके ऊपर पीछे से लोहे के पाइप से हमला किया, जिससे दोनों बाइक से गिर गए। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। सोयम ने आरोप लगाया कि उसकी कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मारने की धमकी भी दी।प्राथमिकी के अनुसार, घटना के बाद ग्वाला टोली के कुछ बुजुर्ग और अन्य लोग मामले को सुलझाने के लिए लाइन मोहल्ला पहुंचे थे। आरोप है कि वहां जावेद अनवर और अन्य लोगों ने उन पर फायरिंग कर दी। गोली चलते ही मौके पर अफरातफरी मच गई और लोग जान बचाकर भागने लगे।इसी घटनाक्रम को लेकर पुलिस ने दोनों पक्षों के आरोपों की जांच शुरू की थी।

जावेद ने दूसरी एफआईआर में लगाया था छह राउंड फायरिंग का आरोप

दूसरी ओर, जावेद अनवर ने छोटू गद्दी, संजर खान और मो. आफाक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जावेद ने पुलिस को बताया था कि वह अल्ताफ अंसारी हत्याकांड का चश्मदीद गवाह है और 24 सितंबर को अदालत में उसकी गवाही होनी है।
उसका आरोप था कि गवाही से रोकने के लिए उसे धमकी दी गई। प्राथमिकी में दावा किया गया कि धमकी के करीब एक घंटे बाद उसके घर के बाहर फायरिंग की गई। जावेद ने आरोप लगाया था कि हमलावरों ने करीब छह राउंड गोलियां चलाईं। पुलिस ने घटनास्थल से पांच खोखे और एक जिंदा कारतूस बरामद किए थे।

अब उसी मामले में जावेद की गिरफ्तारी
दोनों प्राथमिकी की जांच के दौरान पुलिस ने जावेद अनवर और उसके साले सकील अख्तर उर्फ बाबर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को गुरुवार देर शाम न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अब दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। डोरंडा गोलीकांड में साला-बहनोई की गिरफ्तारी के बाद इलाके में पुलिस की सक्रियता और बढ़ा दी गई है।पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।हालांकि 13 सितंबर को गोली चलाने वाले अपराधी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

 

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