कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका विद्यालय में छात्रा का शव फंदे से झूलता मिला,वार्डेन और टीचर निलंबित,पुलिस जांच में जुटी है..

हजारीबाग।झारखण्ड के हजारीबाग जिला अंतर्गत बड़कागांव थाना क्षेत्र के ग्राम होरम स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के हॉस्टल के रूम नंबर-20 से 10वीं की एक छात्रा का फांसी के फंदे पर झूलता हुआ शव बरामद हुआ है।इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची,वहीं मृतका के पिता ने दुष्कर्म कर हत्या करके फांसी का रूप देने का गंभीर आरोप लगाया है। इधर, जिला शिक्षा पदधिकारी ने वार्डन और टीचर को सस्पेंड कर दिया है।

इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी उपेंद्र नारायण ने बताया कि कस्तूरबा गांधी आवासीय की वार्डन लीलावती कुमारी 17 दिसंबर से लेकर 22 दिसंबर तक के लिए आकस्मिक अवकाश पर है।वार्डन अपना प्रभार सामाजिक विज्ञान की शिक्षिका किरण कुमारी को सौंपी थी। वहीं, प्रभारी वार्डन किरण कुमारी ने बताया कि 10-15 दिन पहले मेरा जॉइनिंग कस्तूरबा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में हुआ है। 17 दिसंबर की शाम में वार्डन लीलावती कुमारी स्कूल आयी और मुझे प्रभार दी थी। मैं दूसरे तल्ले में रहती हूँ।वहीं,लड़की तीसरे तल्ले में रहती थी। उसी तल्ले में दो सुरक्षा महिला गार्ड भी रहती थी।घटना की जानकारी मुझे सुबह 5:30 बजे मिली।

इस घटना के बाद अभिभावक एवं ग्रामीणों की भीड़ कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में इकट्ठा हो गए। आक्रोशित ग्रामीण वार्डेन की लापरवाही का आरोप लगा रहे थे।घटना की सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे।इधर, स्कूल की छात्रा समेत अन्य टीचर्स डरी-सहमी हुई है।वो कुछ भी बताने से इनकार कर रही थी। छात्राएं अपने कमरे में कैद थी। अधिकारियों द्वारा काफी समझाने-बुझाने के बाद वे अपनी कमरे के दरवाजे खोली।

इधर,घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला शिक्षा पदधिकारी उपेंद्र नारायण ने लापरवाही के मामले में वार्डन लीलावती कुमारी एवं सामाजिक विज्ञान की शिक्षिका किरण कुमारी को निलंबित कर दिया गया। इसकी जगह शिक्षिका निशी रानी को वार्डन का प्रभार दिया गया।

वहीं,मृतिका के पिता समेत अन्य परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि मेरी पुत्री की यह मौत आत्महत्या का मामला नहीं है बल्कि इसे हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया गया है। दूसरी ओर,बादम के मुखिया प्रतिनिधि दीपक दास ने इस घटना की सीबीआई या उच्च स्तरीय टीम से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यहां मौत की तीसरी घटना है। आखिर इस विद्यालय में इस तरह मौत की घटना क्यों घट रही है? इस बात की सच्चाई सामने आनी चाहिए।

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के पश्चिम दिशा की ओर अध्ययन भवन एवं हॉस्टल के इर्द-गिर्द सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था नहीं है जबकि ऑफिशियल भवनों में सीसीटीवी कैमरा है।विद्यालय की पश्चिम दिशा की ओर चहारदीवारी अधूरा है।इसके लिए कांटेदार तार लगाए गए थे।वह भी टूट चुका है। अभिभावकों ने हॉस्टल के गलियारे, सीढ़ी एवं खेल मैदान एवं विद्यालय भवनों के पीछे सीसीटीवी कैमरा लगाने की मांग की है।

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