राँची में स्पा के नाम पर पति-पत्नी का गंदा खेल बेनकाब… मारपीट, लूट और अश्लील वीडियो बनाकर मांगी रंगदारी, पति-पत्नी समेत तीन गिरफ्तार
राँची। राजधानी राँची में स्पा सेंटर और मसाज के नाम पर लोगों को जाल में फंसाकर लूटने और फिर आपत्तिजनक वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर रंगदारी वसूलने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। नामकुम थाना क्षेत्र के मौलाना आजाद कॉलोनी में सामने आए इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य पहले मोबाइल पर लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें मसाज के बहाने घर बुलाते थे। वहां पहले से मौजूद सहयोगी पीड़ित के साथ मारपीट कर उसके कपड़े उतरवाते, फोटो-वीडियो बनाते और उसके पास मौजूद नकदी व जेवर लूट लेते थे। इसके बाद उसी वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर मोटी रकम की मांग की जाती थी।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सानिया परवीन उर्फ बेबी (24), उसके पति मो. हैदर (25) और मो. वसीम उर्फ छोटू (29) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार मो. हैदर और मो. वसीम का पूर्व आपराधिक इतिहास भी रहा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से रंगदारी मांगने में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पहले फोन पर फंसाते, फिर घर बुलाकर बनाते थे शिकार
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर गिरोह के काम करने के तरीके का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, मौलाना आजाद कॉलोनी की रहने वाली सानिया परवीन उर्फ बेबी के कहने पर मोबाइल के जरिए लोगों से संपर्क किया जाता था। उन्हें मसाज के बहाने घर बुलाया जाता था।पीड़ित के घर पहुंचते ही वहां पहले से मौजूद गिरोह के सदस्य उसे घेर लेते थे। इसके बाद मारपीट कर उसके कपड़े उतरवाए जाते थे और अर्धनग्न या नग्न अवस्था में फोटो और वीडियो बना लिया जाता था। साथ ही पीड़ित के पास मौजूद नकदी, जेवर और अन्य सामान लूट लिया जाता था।
सबसे खतरनाक खेल इसके बाद शुरू होता था। पुलिस के मुताबिक, बनाए गए फोटो और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर पीड़ित को ब्लैकमेल किया जाता था और उससे तय रकम रंगदारी के तौर पर मांगी जाती थी।
मो. नसीम को भी इसी जाल में फंसाया गया
इसी तरीके से पुरानी राँची, कोतवाली थाना क्षेत्र निवासी मो. नसीम को भी कथित तौर पर जाल में फंसाया गया। 24 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। महिला ने मौलाना आजाद कॉलोनी में स्पा सेंटर चलाने की बात कहते हुए मसाज के लिए बुलाया।दिनभर में कई बार फोन आने के बाद नसीम शाम करीब 6:30 बजे गली नंबर 11 स्थित बताए गए स्थान पर पहुंचे। वहां पहले से कुछ लोग मौजूद थे। आरोप है कि अंदर पहुंचते ही दरवाजा बंद कर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई।
पुलिस के अनुसार, नसीम से 46 हजार रुपये नकद और गले में पहनी सोने की चेन लूट ली गई। इसके बाद उनका आपत्तिजनक वीडियो बनाया गया और उसे वायरल करने की धमकी देते हुए 5 लाख रुपये रंगदारी मांगी जाने लगी।
Google Pay से भी 8 हजार रुपये ट्रांसफर कराने का आरोप
पीड़ित की शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने उसका मोबाइल भी अपने कब्जे में ले लिया था। मारपीट और धमकी देकर Google Pay का लॉक खुलवाया गया और 8 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए गए। इस तरह नकदी, सोने की चेन और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन मिलाकर पीड़ित से बड़ी रकम ऐंठी गई।
घटना के बाद आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी। अगले दिन भी कथित तौर पर फोन कर 5 लाख रुपये की मांग की गई। इसके बाद नसीम ने नामकुम थाना पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।
पुलिस ने तकनीकी सूचना से दबोचा, दो मोबाइल बरामद
25 सितंबर को शिकायत मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक राँची के निर्देश पर टीम गठित की गई। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन और वरीय पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय-प्रथम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।इसके बाद सानिया परवीन, मो. हैदर और मो. वसीम उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने रंगदारी मांगने में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
पुलिस के सामने कबूला गिरोह चलाने का तरीका
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उनके अनुसार, वे सुनियोजित तरीके से गिरोह बनाकर इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते थे।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को इसी तरीके से निशाना बनाया है। मोबाइल फोन की जांच और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए पुलिस पुराने मामलों और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
FIR में गंभीर धाराएं, जांच जारी
नामकुम थाना में कांड संख्या 264/26, दिनांक 25 सितंबर 2026 के तहत BNS की धाराओं 126(2), 127(2), 115(2), 308(3), 308(5), 309(4), 352, 351(2)(3) और 61(2) में प्राथमिकी दर्ज की गई है।छापेमारी टीम में वरीय पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय-प्रथम, नामकुम थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक रामनारायण सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक शशि रंजन, जयदेव कुमार सराक, सहायक अवर निरीक्षक उज्जवल कुमार सिंह, तारकेश्वर प्रसाद केशरी समेत सशस्त्र बल शामिल थे।
पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है।वहीं, कथित गिरोह के पूरे नेटवर्क, पुराने शिकार और अन्य संभावित सदस्यों की जानकारी जुटाने में लगी है।

