राँची सिविल कोर्ट में दूसरे दिन भी बम निरोधक दस्ते ने खंगाला, बम से उड़ाने की मिली थी धमकी…
राँची।झारखण्ड जगुआर के बम निरोधक दस्ते ने लगातार दूसरे दिन भी सिविल कोर्ट परिसर की गहन जांच की, इससे पहले शुक्रवार को कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी देने के बाद भी बीडीएस की टीम ने पूरे कोर्ट परिसर की जांच की थी।शुक्रवार को सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ईमेल के जरिए एक अज्ञात व्यक्ति के द्वारा राँची सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी, जिसके बाद राँची पुलिस कोर्ट की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से अलर्ट पर है। लगातार दूसरे दिन भी एहतियातन बम निरोधक दस्ते के द्वारा पूरे कोर्ट कैम्पस की जांच की गई।
शनिवार को कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय बीडीएस की टीम के साथ सिविल कोर्ट पहुंचे, जिसके बाद एक बार फिर से कोर्ट परिसर के चप्पे-चप्पे की जांच की गई। कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने बताया की धमकी मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे कोर्ट परिसर को सुरक्षा घेरे में लेते हुए दूसरे दिन भी सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। कोतवाली डीएसपी ने बताया की शनिवार को बीडीएस की टीम ने सीबीआई कोर्ट सहित तमाम कोर्ट की जांच की है।बिल्डिंग्स की जांच के बाद पार्किंग स्थल से लेकर हर स्थान की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई है।
बता दें किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए ईमेल में कोर्ट को निशाना बनाने की धमकी दी गई थी, जिसके बाद कोर्ट में हड़कंप मच गया।शुक्रवार को सूचना मिलते ही राँची पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।धमकी मिलने के बाद राँची पुलिस ने भी कोई रिस्क नहीं लिया और बम निरोधक दस्ते को बुलाकर पूरे कोर्ट कैम्पस की जांच शुरू की गई।अभियान के तहत हर संदिग्ध वस्तु की बारीकी से जांच की गई, हालांकि बम की खबर अभी तक अफवाह ही निकली है।
एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि धमकी भरा ईमेल कोर्ट प्रशासन को प्राप्त हुआ था। ईमेल की जानकारी मिलते ही राँची।पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। एहतियातन पूरे कोर्ट परिसर के साथ-साथ पूरे बिल्डिंग की जांच बम निरोधक दस्ते के द्वारा करवाई गई है।एसएसपी ने बताया कि कोर्ट परिसर की सुरक्षा की व्यवस्था पूर्व से ही बेहतर है।हम किसी भी तरह का कोई रिस्क नहीं ले रहे हैं।
वहीं दूसरी तरफ धमकी भरा ईमेल भेजने वाले की पहचान की कवायद भी शुरू कर दी गई है।साइबर सेल ईमेल भेजने वाले की पहचान करने में जुट गई है।ईमेल आईडी, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल ट्रेस की जांच की जा रही है।

