झारखण्ड की सबसे बड़ी बैंक लूट की वारदातों में शामिल हुआ राजधनवार यूको बैंक कांड, पांच करोड़ की डकैती से मचा हड़कंप; आधा दर्जन हिरासत में, बिहार से जेल में रची गई थी साजिश!
गिरिडीह।झारखण्ड में बैंक लूट की बड़ी वारदातों की फेहरिस्त में अब गिरिडीह के राजधनवार स्थित यूको बैंक का नाम भी जुड़ गया है। गुरुवार, 5 नवंबर को दिनदहाड़े हुई इस डकैती में लूटी गई रकम और सोने के जेवरात का कुल अनुमानित मूल्य करीब पांच करोड़ रुपये बताया गया है। बैंक के शाखा प्रबंधक की ओर से दर्ज प्राथमिकी में इस आंकड़े का उल्लेख किया गया है। वारदात के बाद से गिरिडीह पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने अब तक लगभग आधा दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनमें कुछ की गिरफ्तारी की भी सूचना है, लेकिन लूटा गया सोना और नकदी अभी बरामद नहीं हो सकी है।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि बैंक लूट की साजिश कथित तौर पर जेल में रची गई थी। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, धनबाद से पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि झारखण्ड के अपराधियों ने बिहार के वैशाली इलाके के एक आपराधिक गिरोह के साथ मिलकर जेल में ही बैंक लूट की योजना बनाई थी। हालांकि, इस खुलासे की गिरिडीह पुलिस की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
एफआईआर में पांच करोड़ की लूट का जिक्र, 11.50 लाख नकद
राजधनवार थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, यूको बैंक के शाखा प्रबंधक राहुल कुमार गोंड ने लूटी गई नकदी और सोने के जेवरात का अनुमानित मूल्य करीब पांच करोड़ रुपये बताया है। इसमें 11.50 लाख रुपये नकद शामिल हैं। शेष बड़ी राशि सोने के जेवरात के रूप में बताई गई है।शाखा प्रबंधक ने प्राथमिकी में पूरी घटना का ब्योरा देते हुए बताया है कि किस तरह हथियारबंद अपराधी बैंक के अंदर दाखिल हुए और बैंककर्मियों तथा ग्राहकों को अपने कब्जे में लेकर लूटपाट की। दिनदहाड़े बैंक के भीतर हथियारों के बल पर हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी।
सात अपराधियों ने दिया वारदात को अंजाम, पांच बैंक के अंदर और दो बाहर थे तैनात
पुलिस की शुरुआती जांच और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में वारदात में सात अपराधियों के शामिल होने की बात सामने आई है। इनमें पांच अपराधी बैंक के अंदर दाखिल हुए थे, जबकि दो बाहर रहकर पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रहे थे और भागने में सहयोग कर रहे थे।
वारदात के बाद अपराधी झारखण्ड-तारा-चुंगलो मार्ग से भागने लगे। इसी दौरान गिरिडीह पुलिस ने उनका पीछा किया। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया और दो बाइक भी जब्त कीं। इसके बाद पुलिस का अभियान लगातार जारी रहा। धनबाद से रॉकी नामक एक अन्य आरोपी को भी पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है।
पूछताछ में अपराधियों के नेटवर्क को लेकर भी अहम जानकारियां मिली हैं। बताया जा रहा है कि गिरोह में तीन अपराधी बिहार के, दो गिरिडीह के बेंगाबाद इलाके के तथा दो धनबाद और देवघर जिले से जुड़े थे। पुलिस अब इन सभी की पहचान, भूमिका और आपसी संपर्कों की पड़ताल कर रही।
एसपी डॉ. बिमल कुमार के नेतृत्व में गिरिडीह पुलिस की अलग-अलग विशेष टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के अलावा देवघर और बिहार के जमुई, वैशाली तथा पटना में भी छापेमारी की जा रही है। करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की सूचना है।
पुलिस की प्राथमिकता अब गिरोह के बाकी सदस्यों तक पहुंचने के साथ लूटे गए सोने और नकदी की बरामदगी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि वारदात से पहले अपराधियों ने बैंक की कितने दिनों तक रेकी की थी और उन्हें बैंक के अंदर रखे सोने तथा नकदी की जानकारी किस माध्यम से मिली थी।
जमशेदपुर के बाद झारखण्ड की सबसे बड़ी बैंक लूट की घटनाओं में राजधनवार कांड
राजधनवार की इस घटना ने झारखण्ड में बैंक लूट की बड़ी वारदातों की चर्चा फिर तेज कर दी है। राज्य में अब तक सामने आई सबसे बड़ी बैंक लूट की घटनाओं में जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित केनरा बैंक की वारदात सबसे ऊपर है।
24 सितंबर 2026 को गोलमुरी के केनरा बैंक में अपराधियों ने ग्राहकों और बैंककर्मियों को बंधक बनाकर करीब 23.80 किलोग्राम सोना और 43 लाख रुपये नकद लूट लिए थे। लूटे गए सोने का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 33.20 करोड़ रुपये बताया गया था।
वहीं, 24 अप्रैल 2026 को हजारीबाग जिले के बरही में भी बैंक लूट की बड़ी घटना हुई थी। यहां अपराधी करीब 3.9 किलोग्राम सोना और 4.22 लाख रुपये नकद लूटकर फरार हुए थे। इस लूट की कुल अनुमानित कीमत भी करीब पांच करोड़ रुपये बताई गई थी।
अब राजधनवार के यूको बैंक में करीब पांच करोड़ रुपये की लूट ने इस घटना को भी राज्य की सबसे बड़ी बैंक डकैती की घटनाओं में शामिल कर दिया है।
गिरिडीह जिले की अब तक की सबसे बड़ी बैंक लूट
गिरिडीह जिले के लिहाज से देखें तो राजधनवार यूको बैंक की यह घटना अब तक की सबसे बड़ी बैंक लूट बताई जा रही है। इससे पहले जिले में कई बैंक शाखाओं को अपराधियों ने निशाना बनाया था, लेकिन लूटी गई रकम के लिहाज से राजधनवार की घटना सबसे बड़ी है।
गिरिडीह में पूर्व की प्रमुख बैंक लूट की घटनाएं इस प्रकार हैं—
– 7 जून 2005:मकतपुर स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 29.23 लाख रुपये की लूट।
– फरवरी 2017: यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की बेंगाबाद शाखा से 28.14 लाख रुपये की लूट।
– फरवरी 2011:स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की इसरी बाजार शाखा से 25.75 लाख रुपये की लूट।
– नवंबर 2021:यूको बैंक की सरिया (केसवारी) शाखा से 7.34 लाख रुपये की लूट।
– अगस्त 2016: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की पचम्बा शाखा से 6.84 लाख रुपये की लूट।
– जुलाई 2005:क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की राजधनवार शाखा से 6.36 लाख रुपये की लूट।
एसपी बोले- एक-एक अपराधी को पकड़ा जाएगा
इस पूरे मामले को गिरिडीह पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया है। एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि एक-एक अपराधी को पकड़ा जाएगा। जिले की विशेष टीम इस काम में जुटी हुई है। मिल रही हर सूचना पर काम किया जा रहा है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि पांच करोड़ रुपये की इस बैंक डकैती में शामिल बाकी अपराधी कब तक पुलिस की गिरफ्त में आते हैं और लूटा गया सोना तथा नकदी कब बरामद होती है। गिरिडीह पुलिस की लगातार चल रही छापेमारी पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।

