राँची:महिला से चेन छिनतई मामले में ऐतिहासिक सख्ती: दोषी को 10 साल की जेल, 5.15 लाख का जुर्माना

-एजेसी-12 पवन कुमार की अदालत का कड़ा फैसला: जुर्माने की राशि से 1 लाख पीड़िता को मिलेंगे, कोर्ट ने कहा- राहजनी और छिनतई से समाज में खौफ, कोई नरमी नहीं

राँची।राजधानी में महिलाओं से चेन छिनतई करने वाले गिरोह पर राँची व्यवहार न्यायालय ने कड़ा कानूनी प्रहार किया है।अपर न्याययुक्त-12 पवन कुमार की अदालत ने सदर थाना क्षेत्र में हुई चेन स्नैचिंग की वारदात को संगठित अपराध की श्रेणी में मानते हुए दोषी दीपक महतो को 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर कुल 5 लाख 15 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जुर्माने की कुल राशि में से 1 लाख रुपये पीड़िता रीना कुमारी को क्षतिपूर्ति (मुआवजे) के तौर पर दिए जाएंगे, जबकि शेष 4 लाख 15 हजार रुपये अभियोजन सेल में जमा होंगे।वहीं, मामले में पहचान और पुख्ता साक्ष्य के अभाव में दूसरे आरोपी जफर खान उर्फ शाहिद खान को संदेह का लाभ देते हुए बाइज्जत बरी कर दिया गया।सुनवाई के दौरान अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि चेन स्नैचिंग समाज के लिए नासूर बन चुका है। इससे न केवल महिलाओं बल्कि आम नागरिकों के मन में भी लगातार भय का माहौल बना रहता है।कई बार छिनतई के दौरान पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो जाती है, इसलिए ऐसे अपराधियों के प्रति कोई भी नरमी नहीं बरती जा सकती और समाज में कड़ा संदेश देने के लिए सख्त सजा जरूरी है।

बीएनएस की धारा 111(2)(बी) समेत तीन धाराओं में ठहराया गया दोषी

अदालत ने सत्र वाद संख्या 146/2025 में सुनवाई पूरी करते हुए पिठोरिया थाना क्षेत्र के हुंडर, बारटोली निवासी दीपक महतो (पिता- रामलाल महतो) को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की तीन अलग-अलग धाराओं में दोषी करार दिया।अदालत ने संगठित अपराध की धारा 111(2)(बी) के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास और 5 लाख रुपये जुर्माना, छिनतई की धारा 304(2)/3(5) के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना तथा चोट पहुंचाने की धारा 115(2) के तहत 1 वर्ष कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा मुकर्रर की। जुर्माना राशि अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ (कन्करेंट) चलेंगी।

पूजा सामग्री खरीदकर लौटते वक्त पल्सर सवार 3 अपराधियों ने झपटी थी चेन

घटना 2 अक्टूबर 2024 की रात करीब 8 बजे की है। खेलगांव हाउसिंग कॉम्प्लेक्स निवासी रीना कुमारी अपने पति अमित कुमार सिंह के साथ बंधगाड़ी बाजार में दुर्गा पूजा का सामान खरीदने गई थीं।सामान लेकर जब वे अपनी बाइक की ओर लौट रही थीं, तभी कोकर चौक की तरफ से एक काली पल्सर (अंतिम तीन अंक 470) पर सवार तीन बदमाश पहुंचे. बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने रीना कुमारी के गले से करीब 1.5 लाख रुपये मूल्य की सोने की चेन झपट ली।झपट्टा इतना जोरदार था कि रीना का दम घुटने लगा,गर्दन पर गहरे खरोंच के निशान आए और वह सड़क पर गिर पड़ीं. स्थानीय लोगों के खदेड़ने पर बदमाश बूटी मोड़ की तरफ फरार हो गए थे।

पहचान और साक्ष्य बने आधार, सह-आरोपी को नहीं पहचान सके गवाह

सदर थाना कांड संख्या 423/2024 के तहत दर्ज इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाह पेश किए गए। पीड़िता रीना कुमारी और उनके पति अमित कुमार सिंह ने अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान आरोपी दीपक महतो की शिनाख्त की। हालांकि, दोनों गवाह दूसरे आरोपी जफर खान की पहचान नहीं कर सके।अदालत ने अपने 21 पन्नों के फैसले में माना कि तीन लोगों के गिरोह द्वारा योजनाबद्ध तरीके से राहगीर महिला को निशाना बनाना बीएनएस की धारा 111 के तहत संगठित अपराध के दायरे में आता है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दीपक महतो को दोषी पाते हुए बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार भेजने और जफर खान को अविलंब रिहा करने का आदेश जारी किया।


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