पुलिस का दावा-म्यूटेशन नहीं होने से नाराज थे आरोपी, राजस्वकर्मी लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या की रची साजिश; तीन गिरफ्तार, तीन फरार

 

राँची। राजधानी राँची के नामकुम थाना क्षेत्र के जोरार में अरगोड़ा अंचल के राजस्वकर्मी लक्ष्मीकांत मुंडा हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक,जमीन के दाखिल-खारिज और म्यूटेशन में अड़ंगा लगने से नाराज लोगों ने कथित तौर पर साजिश रचकर राजस्वकर्मी की हत्या करवा दी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य नामजद अप्राथमिकी अभियुक्तों समेत कुछ अज्ञात अपराधियों की तलाश जारी है।

पुलिस के खुलासे के मुताबिक, हत्या की जड़ अरगोड़ा अंचल के बड़ा घाघरा मौजा की करीब 96 डिसमिल जमीन का विवाद है। गोसाई परिवार की ओर से इस जमीन की अलग-अलग डीड के आधार पर बिक्री और दाखिल-खारिज कराने के लिए कई बार आवेदन दिया गया था। इन आवेदनों की स्थल जांच और दस्तावेजों के सत्यापन की जिम्मेदारी राजस्वकर्मी लक्ष्मीकांत मुंडा के पास थी।

जांच के दौरान जमीन के मूल दस्तावेजों और वंशावली में अंतर सामने आया। इसके बाद लक्ष्मीकांत मुंडा ने कई नामांतरण वादों में प्रतिकूल रिपोर्ट देते हुए दाखिल-खारिज अस्वीकृत करने की अनुशंसा कर दी। इसी रिपोर्ट के आधार पर अंचलाधिकारी ने संबंधित जमीन के कई नामांतरण आवेदन खारिज कर दिए। कुछ मामले अब भी प्रक्रियाधीन थे।

पुलिस का दावा-जमीन खरीदने वालों का दबाव, राजस्वकर्मी को बनाया गया निशाना

पुलिस के अनुसार, दाखिल-खारिज नहीं होने के कारण जमीन की खरीद-बिक्री और दखल-कब्जा दिलाने में परेशानी हो रही थी। जमीन के क्रेताओं की ओर से आरोपियों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। आरोप है कि लक्ष्मीकांत मुंडा की जांच रिपोर्ट से नाराज आरोपियों ने उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। इसी साजिश के तहत 23 अक्टूबर की रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच उनके जोरार स्थित आवास पर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी राँची के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई थी। टीम में डीएसपी मुख्यालय-1, हटिया डीएसपी, बुंडू एसडीपीओ समेत कई थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी शामिल थे। तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में डोरंडा के बड़ा घाघरा निवासी प्रदीप गोसाई (38 वर्ष), लालपुर के डंगराटोली निवासी अमित टोप्पो उर्फ अमित गोसाई (34 वर्ष) और बड़ा घाघरा निवासी सिंटू कुमार गोसाई (31 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उनकी निशानदेही पर तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस ने इस हत्याकांड में भोला गोसाई, अमित सिंह और शैलेश को भी अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया है। ये तीनों फिलहाल फरार हैं। इनके अलावा अन्य अज्ञात संलिप्त अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।

 

 

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