हजारीबाग में अधिवक्ता की संदिग्ध मौत का मामला: पति ने कोर्ट में किया सरेंडर, अब पुलिस रिमांड में खुलेंगे राज..
सरेंडर से पहले वीडियो जारी कर पति ने पत्नी की मौत को बताया आत्महत्या, ससुर पर लगाए गंभीर आरोप; पुलिस अब रिमांड पर लेकर खोलेगी मौत के राज, विधायक ममता देवी के निजी सचिव को नौकरी के नाम पर पैसे देने का भी किया दावा
राँची/हजारीबाग।झारखण्ड हाई कोर्ट की अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध मौत के मामले में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मामले के मुख्य आरोपी और उनके पति कुशाग्र रुद्रा राणा ने हजारीबाग स्थित सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। आरोपी के अधिवक्ता अमर रंजन ने सरेंडर की पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल जमानत याचिका दाखिल नहीं की गई है।
पुलिस आरोपी की तलाश में कई जिलों में लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी बीच गुरुवार दोपहर करीब 12:30 बजे कुशाग्र रुद्रा राणा ने अचानक अदालत में सरेंडर कर दिया। बताया जा रहा है कि पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच उन्होंने यह कदम उठाया। सरेंडर की भनक हजारीबाग पुलिस को भी पहले नहीं लग सकी। अब पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाने के लिए आरोपी को रिमांड पर लेने हेतु अदालत में आवेदन देने की तैयारी में है।
सरेंडर से पहले वीडियो जारी, पत्नी की मौत को बताया आत्महत्या
अदालत में आत्मसमर्पण करने से पहले कुशाग्र रुद्रा राणा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो जारी किया। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि वह अपनी पत्नी से बेहद प्यार करते थे और अनुष्का ने आत्महत्या कर गलत कदम उठाया। हालांकि, उनकी ओर से किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।
वीडियो में आरोपी ने अपनी पत्नी के पिता सुनील चक्रवर्ती पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि ससुर उनके व्यवसाय में साझेदार बनना चाहते थे और इस मुद्दे को लेकर घर में विवाद होता था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने ससुराल पक्ष को महंगे उपहार दिए थे। उनके अनुसार, ससुराल में चारपहिया वाहन दिया गया, मृतका के भाई को महंगा मोबाइल और दोपहिया वाहन उपहार में दिया गया तथा शादी की 25वीं सालगिरह पर 10 लाख रुपये से अधिक खर्च किए गए।
विधायक ममता देवी के निजी सचिव को पैसे देने का दावा
कुशाग्र रुद्रा राणा ने अपने वीडियो में रामगढ़ विधायक ममता देवी के निजी सचिव मनोज महतो का भी जिक्र किया। आरोपी ने दावा किया कि एक परीक्षा में नौकरी दिलाने के नाम पर कंपनी के खाते से सात लाख रुपये दिलाए गए और दस लाख रुपये नकद भी दिए गए। उसने इस लेनदेन से संबंधित साक्ष्य होने की बात कही है।
आरोपी ने वीडियो में अपनी पत्नी पर दबाव होने और एक बार गर्भपात कराए जाने का भी दावा किया। उसने पुलिस-प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। वीडियो के जरिए अपनी बात रखने के बाद अदालत में सरेंडर करने से इस बहुचर्चित मामले में जांच के नए पहलू सामने आने की उम्मीद है।
22 अक्टूबर को कमरे से मिला था अधिवक्ता का शव
मामला 22 अक्टूबर का है। हजारीबाग के गुप्ता कॉम्प्लेक्स स्थित कमरा नंबर 304 से अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती का शव बरामद किया गया था। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना की परिस्थितियों को लेकर शुरुआत से ही सवाल उठ रहे थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, जबकि परिजनों और स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच तथा दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
घटना के बाद शव का अंतिम संस्कार वाराणसी में किया गया। अंतिम संस्कार से पहले शव को लेकर करीब 48 घंटे तक इंतजार और विवाद की स्थिति बनी रही। मामले को लेकर अधिवक्ताओं और समाज के लोगों में भी आक्रोश देखा गया। विरोध के दौरान सड़क जाम किए जाने और पोस्टमार्टम हाउस में हंगामे की स्थिति भी सामने आई थी।रामगढ़ विधायक ममता देवी भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंची थीं और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच तथा आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी।
पति के सरेंडर के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनुष्का चक्रवर्ती की मौत से जुड़े सवालों का जवाब तलाशना है। पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर घटना से पहले की परिस्थितियों, पति-पत्नी के बीच कथित विवाद, आरोपी के वीडियो में लगाए गए आरोपों और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की पड़ताल कर सकती है।फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। उसकी ओर से पत्नी की मौत को आत्महत्या बताए जाने और ससुराल पक्ष पर लगाए गए आरोपों के बीच अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है।

