चाईबासा में खौफनाक वारदात: खाना नहीं बनाने पर पत्नी को कुल्हाड़ी से काटा, घर के कमरे में दफनाया शव; बेटी ने खोला पिता का राज
चाईबासा। झारखण्ड के पश्चिमी सिंहभूम जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। घर में खाना नहीं बनाने से नाराज पति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। इसके बाद हत्या का राज छिपाने के लिए उसने घर के अंदर ही एक कमरे में गड्ढा खोदा और पत्नी के शव को दफना दिया। उसे लगा कि घर की चारदीवारी के भीतर दफन यह राज हमेशा के लिए जमीन में दबा रहेगा, लेकिन दीवारों पर लगे खून के निशान और बंद कमरे की चाबी ने उसकी करतूत की परतें खोल दीं।
मामला पश्चिमी सिंहभूम जिले के पांड्रासाली ओपी क्षेत्र के तुंगी गांव का है। यहां गुरुवारी हांसदा (40) की हत्या के आरोप में उसके पति राम हांसदा (49) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। घटना का खुलासा तब हुआ, जब माँ के कई दिनों से दिखाई नहीं देने पर पड़ोसियों ने उसकी शादीशुदा बेटी नागीश्री गागराई को फोन किया। बेटी जब मायके पहुंची, तो घर के अंदर के हालात देखकर उसे अनहोनी का संदेह हुआ। दीवारों पर खून के निशान थे और घर का एक कमरा बंद था। पिता से माँ के बारे में पूछने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी और मृतिका का फाइल फोटो
बेटी का शक गहराया तो उसने गांव के मुंडा को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। बंद कमरे का दरवाजा खुला और जमीन की खुदाई शुरू हुई, तो अंदर दफन महिला का सड़ा-गला शव बरामद हुआ। इस तरह घर के भीतर छिपाकर रखे गए कथित हत्याकांड का खुलासा हो गया। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर रविवार को जेल भेज दिया।
चार दिनों से नहीं दिखी माँ, पड़ोसियों के फोन ने बढ़ाई बेटी की बेचैनी
जानकारी के अनुसार, तुंगी गांव निवासी राम हांसदा ने कथित तौर पर 17 अक्टूबर की रात अपनी पत्नी गुरुवारी हांसदा की हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कुल्हाड़ी से वार करने के बाद शव को घर के अंदर एक कमरे में गड्ढा खोदकर दफना दिया।
हत्या के बाद गांव में गुरुवारी के दिखाई नहीं देने पर पड़ोसियों को शक हुआ। महिला कई दिनों से नजर नहीं आ रही थी। ऐसे में पड़ोसियों ने उसकी शादीशुदा बेटी नागीश्री गागराई को फोन किया और पूछा कि कहीं उसकी मां उसके घर तो नहीं गई है। पड़ोसियों ने बताया कि गुरुवारी पिछले दो-तीन दिनों से गांव में दिखाई नहीं दे रही है।
माँ के अचानक लापता होने की खबर सुनकर नागीश्री परेशान हो गई। उसने अपने स्तर से माँ की तलाश शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। आखिरकार वह अपने ससुराल से मायके पहुंची। उसे उम्मीद थी कि माँ घर में मिल जाएगी या पिता उसके बारे में कुछ बताएंगे, लेकिन वहां जो कुछ दिखा, उसने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया।
दीवारों पर खून के निशान, बंद कमरे की चाबी देने से भी कतरा रहा था पिता
मायके पहुंचने पर नागीश्री की नजर घर की दीवारों पर पड़ी। दीवारों पर कई जगह खून के निशान दिखाई दे रहे थे। यह देखकर उसके मन में अनहोनी की आशंका पैदा हुई। उसने पिता राम हांसदा से मां के बारे में पूछा, लेकिन वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।इसके बाद बेटी ने घर के एक बंद कमरे की चाबी मांगी। आरोप है कि पिता ने चाबी देने से इनकार कर दिया। मां के लापता होने, दीवारों पर खून के निशान और कमरे को बंद रखने की बात ने बेटी के संदेह को और गहरा कर दिया।नागीश्री ने देर किए बिना गांव के मुंडा को इसकी जानकारी दी। ग्रामीण मुंडा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचना दी। पुलिस के लिए भी अब यह पता लगाना जरूरी था कि आखिर घर के अंदर ऐसा क्या छिपा था, जिसे सामने नहीं आने दिया जा रहा था।
बंद कमरे में खुदाई के निशान, जमीन के नीचे मिला महिला का शव
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुंगी गांव पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस के पहुंचने पर राम हांसदा ने बंद कमरे की चाबी दी। कमरे का दरवाजा खुलने के बाद पुलिस ने अंदर की स्थिति का निरीक्षण किया। जमीन पर खुदाई किए जाने के निशान मिले, जिससे संदेह और गहरा गया।इसके बाद पुलिस ने कमरे के अंदर जमीन से मिट्टी हटवानी शुरू की। खुदाई के दौरान वहां दफन महिला का सड़ा-गला शव बरामद हुआ। शव की पहचान गुरुवारी हांसदा के रूप में की गई। जिस महिला की तलाश परिवार और पड़ोसियों के बीच चल रही थी, उसका शव उसी घर के भीतर जमीन के नीचे मिला।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, चाईबासा भेजा। हालांकि, शव की स्थिति काफी खराब होने के कारण चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम के लिए जमशेदपुर रेफर कर दिया।
माँ मजदूरी कर चलाती थी परिवार, पिता अक्सर करते थे झगड़ा
मृतका की बेटी नागीश्री गागराई ने पुलिस को बताया कि उसके पिता अक्सर मां के साथ झगड़ा करते थे। उसके अनुसार, पिता कोई काम नहीं करते थे, जबकि मां मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करती थी।बेटी ने बताया कि पड़ोस की चाची ने फोन कर माँ के कई दिनों से दिखाई नहीं देने की जानकारी दी थी। इसके बाद वह मायके पहुंची। घर की दीवारों पर खून के निशान और पिता के संदिग्ध व्यवहार को देखकर उसे किसी अनहोनी की आशंका हुई। इसी संदेह के कारण उसने गांव के मुंडा को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस तक मामला पहुंचा।
खाना नहीं बनाने पर कुल्हाड़ी से हत्या करने की बात कबूली
प्रशिक्षु आईपीएस जय कुमार जेयराजू ने एसडीपीओ कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि 24 अक्टूबर को पुलिस को सूचना मिली थी कि पांड्रासाली ओपी क्षेत्र के तुंगी गांव में राम हांसदा ने अपनी पत्नी की हत्या कर शव को घर के अंदर दफना दिया है।मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने प्रशिक्षु आईपीएस जय कुमार जेयराजू के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। पुलिस टीम ने गांव पहुंचकर जांच शुरू की। खूंटपानी के अंचलाधिकारी सह प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी फूलेश्वर साव की मौजूदगी में आरोपी राम हांसदा की निशानदेही पर घर के अंदर दफनाया गया शव बरामद किया गया।पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि 17 अक्टूबर की रात उसकी पत्नी ने खाना नहीं बनाया था। इसी बात से नाराज होकर उसने कुल्हाड़ी से पत्नी की हत्या कर दी और फिर शव को घर के अंदर ही दफना दिया।
राँची से पहुंची फॉरेंसिक टीम, कुल्हाड़ी और खून के नमूने जब्त
घटना की गंभीरता को देखते हुए राँची से फॉरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। टीम ने घर के अंदर और घटनास्थल की बारीकी से जांच की। हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी बरामद की गई। इसके अलावा घटनास्थल से खून लगे नमूने भी एकत्र किए गए।पुलिस ने सभी साक्ष्यों को विधिवत जब्ती सूची तैयार कर जब्त किया है, ताकि जांच के दौरान उनका इस्तेमाल किया जा सके। मृतका की बेटी नागीश्री गागराई के बयान पर पांड्रासाली ओपी में हत्या का मामला दर्ज किया गया है।पुलिस ने आरोपी राम हांसदा को गिरफ्तार कर रविवार को जेल भेज दिया है। मामले में पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों की जांच कर रही है।

