राँची में राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकांत मुण्डा हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस, आधा दर्जन संदिग्ध हिरासत में,SIT का गठन
–घर से गायब DVR और मोबाइल की तलाश तेज, ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में कई पुलिस टीमें जुटीं; कॉल डंप और CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
राँची। राजधानी राँची के नामकुम थाना क्षेत्र में अरगोड़ा अंचल के राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकांत मुंडा हत्याकांड की जांच तेज हो गई है। रविवार सुबह से ही पुलिस की कई टीमें मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी हैं। पुलिस ने करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। वहीं, हत्याकांड के उद्भेदन के लिए राँची के एसएसपी राकेश रंजन ने ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। टीम में शहर के कई तेज-तर्रार थाना प्रभारियों और पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया गया है।
रविवार को ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी, नामकुम थाना प्रभारी रामनारायण सिंह और टेक्निकल टीम समेत कई पुलिस पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने नामकुम के तेतरी टोली स्थित मृतक के घर में बारीकी से जांच-पड़ताल की। जांच टीम हत्या से जुड़े हर संभावित पहलू को खंगाल रही है।घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जबकि संदिग्ध मोबाइल नंबरों की गतिविधियों का पता लगाने के लिए कॉल डंप और तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है।
एक दर्जन संदिग्ध हिरासत में, पूछताछ जारी
राजस्व कर्मचारी की हत्या के मामले में पुलिस ने करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। इनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लक्ष्मीकांत मुंडा की किसी से रंजिश थी या हाल के दिनों में उनका किसी के साथ विवाद हुआ था। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका और हत्या के पीछे की वजह को लेकर पुलिस की ओर से अभी कोई अंतिम पुष्टि नहीं की गई है।पुलिस मृतक के परिजनों, सहकर्मियों और परिचितों से भी जानकारी जुटा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि वारदात से पहले लक्ष्मीकांत मुंडा से कौन-कौन संपर्क में था और उनके घर पर किसी संदिग्ध व्यक्ति की आवाजाही हुई थी या नहीं।उधर,रिम्स में शव का पोस्टमार्टम होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।परिजन कुछ देर में शव लेकर पैतृक गांव बुंडू ले जाया जाएगा।
घर से DVR और मोबाइल गायब, जांच का अहम बिंदु
इस हत्याकांड में घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का DVR और मृतक का मोबाइल फोन गायब मिलना जांच का महत्वपूर्ण पहलू बना हुआ है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों सामान वारदात के बाद किस परिस्थिति में गायब हुए। क्या अपराधी साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से इन्हें अपने साथ ले गए या इनके गायब होने की कोई दूसरी वजह है, इसकी जांच की जा रही है।
घर के DVR से रिकॉर्डिंग मिलना संभव नहीं होने की स्थिति में पुलिस आसपास के मकानों और सड़कों पर लगे दूसरे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही कॉल डंप और तकनीकी विश्लेषण के जरिए घटनास्थल के आसपास संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
शुक्रवार रात हत्या की आशंका, शनिवार शाम हुआ था खुलासा
लक्ष्मीकांत मुंडा का शव शनिवार शाम करीब चार बजे नामकुम के जोरार स्थित तेतरी टोली में उनके घर के किचन में मिला था। वह घर में अकेले रहते थे। अरगोड़ा अंचल के कर्मचारी विष्णुकांत भोक्ता उनके घर पहुंचे थे। दरवाजा खुला होने पर अंदर जाने के बाद उन्होंने लक्ष्मीकांत को खून से लथपथ पड़ा देखा। उनके मुंह पर तकिया रखा हुआ था।घटनास्थल पर खून सूख जाने के कारण हत्या शुक्रवार रात किए जाने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, वारदात का वास्तविक समय अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शुक्रवार शाम सीओ से बातचीत के बाद लक्ष्मीकांत के साथ क्या हुआ और शनिवार सुबह से दोपहर तक उनसे संपर्क क्यों नहीं हो सका।उनका मोबाइल फोन गायब होने के कारण आखिरी बातचीत और कॉल रिकॉर्ड की जांच भी अहम मानी जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों से मौत के समय तथा हत्या में इस्तेमाल किए गए संभावित हथियार के संबंध में जानकारी मिलने की उम्मीद है।
किचन में मिला था शव, धारदार हथियार से हत्या की बात
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लक्ष्मीकांत मुंडा के शरीर पर गंभीर चोट के निशान मिले थे और आशंका जताई गई थी कि उनकी हत्या धारदार हथियार से की गई है। हालांकि, चोटों की प्रकृति और मौत के कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही होगी। घटनास्थल से एफएसएल टीम ने भी जरूरी नमूने और फिंगरप्रिंट जुटाए थे।
पुलिस ने जांच के लिए घर को सील कर दिया है, ताकि घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके। अब जांच टीम वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी जानकारी और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर मामले को आगे बढ़ा रही है।
पत्नी और बेटी सरायकेला में रहती हैं
लक्ष्मीकांत मुंडा पिछले करीब तीन वर्षों से अरगोड़ा अंचल में राजस्व कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे। वह मूल रूप से बुंडू के दलकीडीह के रहने वाले थे। उनके पिता पंचायत सेवक रह चुके हैं। लक्ष्मीकांत अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे।उन्होंने वर्ष 2006 में जोरार के तेतरी टोली में हंसराज वाधवा उच्च विद्यालय के समीप जमीन लेकर घर बनाया था। वह राँची स्थित इसी घर में अकेले रहते थे, जबकि उनकी पत्नी और छोटी बेटी सरायकेला में रहती हैं। उनकी पत्नी डाक विभाग में कार्यरत हैं।घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे थे। बेटे का शव देखकर माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।
पुलिस के सामने कई सवाल, हत्या की वजह अब भी पहेली
राजस्व कर्मचारी की घर के अंदर हत्या, सीसीटीवी DVR और मोबाइल फोन का गायब होना तथा वारदात के समय को लेकर बनी अनिश्चितता ने मामले को गंभीर बना दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, आपसी विवाद, लूटपाट या कामकाज से जुड़ा कोई कारण था

