राँची में जमीन-फ्लैट के नाम पर 10 करोड़ की ठगी…गुजरात के कारोबारी दंपती पर FIR, पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी
–नेवरी-विकास में जमीन और 4 BHK फ्लैट दिलाने का दिया था भरोसा, साझा कारोबार के नाम पर भी ली रकम; बड़े नेताओं और पुलिस अधिकारियों से रसूख होने का धौंस दिखाने का आरोप
राँची।राजधानी राँची में जमीन और आलीशान फ्लैट दिलाने के नाम पर करीब 10 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। नेवरी-विकास और मेसरा क्षेत्र में जमीन व चार बीएचके फ्लैट का सौदा कराने तथा साझा कारोबार शुरू करने का भरोसा देकर गुजरात के एक कारोबारी दंपती पर 9 करोड़ 94 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है। पीड़ितों का आरोप है कि मोटी रकम लेने के बावजूद न तो जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री कराई गई और न ही कब्जा दिया गया। जब रुपये वापस मांगे गए, तो कथित तौर पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। मामले में गुजरात के नवसारी निवासी विशाल रंजीत राव और उनकी पत्नी श्रद्धा विशाल राव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
2022 में हुई थी पहचान, फिर शुरू हुआ करोड़ों के लेन-देन का खेल
प्राथमिकी के अनुसार, वर्ष 2022 में विक्रम सिंह की मुलाकात सोनल भक्ता से हुई थी। सोनल के माध्यम से गुजरात के कारोबारी दंपती से उनका परिचय हुआ। आरोप है कि दंपती ने राँची के नेवरी-विकास, मेसरा इलाके में जमीन और आलीशान चार बीएचके फ्लैट दिखाए। इसके साथ ही साझा कारोबार करने का प्रस्ताव भी रखा गया। भरोसे में आकर शिकायतकर्ताओं ने अलग-अलग कंपनियों और अन्य खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पांच करोड़ रुपये ऑनलाइन, 4.94 करोड़ नकद देने का दावा
शिकायत में बताया गया है कि वीएनएस एक्वा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त खाते में 60 लाख रुपये, विविश्रा इंडिया एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड के खाते में 56 लाख रुपये और श्री जी एसोसिएट के खाते में 80 लाख रुपये भेजे गए। इसके अलावा अन्य खातों में भी 3.04 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। इस तरह ऑनलाइन भुगतान की कुल राशि पांच करोड़ रुपये बताई गई है।
आरोप है कि इसके अतिरिक्त गुजरात और राँची के मेसरा क्षेत्र में 4 करोड़ 94 लाख रुपये नकद भी दिए गए। इस प्रकार शिकायतकर्ताओं के मुताबिक कुल 9 करोड़ 94 लाख रुपये आरोपियों को दिए गए।
न जमीन मिली, न फ्लैट; रजिस्ट्री की बात पर टालमटोल
शिकायत के अनुसार, रकम देने के बाद जब जमीन और फ्लैट का कब्जा लेने तथा रजिस्ट्री कराने की बात कही गई, तो आरोपियों की ओर से कथित तौर पर टालमटोल शुरू कर दी गई। लंबे समय तक इंतजार करने के बाद जब शिकायतकर्ताओं ने अपनी रकम वापस मांगी, तो विवाद बढ़ गया।
बड़े नेताओं और पुलिस अधिकारियों से रसूख का धौंस दिखाने का आरोप
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि रुपये वापस मांगने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई। साथ ही बड़े नेताओं और पुलिस अधिकारियों से संपर्क व प्रभाव होने का हवाला देकर डराने-धमकाने की कोशिश की गई। दोबारा फोन या मैसेज करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
बीआईटी मेसरा ओपी में आवेदन, सदर थाना में दर्ज हुई प्राथमिकी
पीड़ित विक्रम सिंह और उनकी पार्टनर सोनल भक्ता ने मामले को लेकर बीआईटी मेसरा ओपी में शिकायत दी। शिकायत के आधार पर सदर थाना में गुजरात के कारोबारी दंपती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब मामले में पुलिस की जांच और आरोपों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल, प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

