राँची में बीटेक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, बंद कमरे में पंखे से लटका मिला शव…

 

राँची। राजधानी राँची के नामकुम थाना क्षेत्र स्थित राजाउलातू के डाबर टोली में झारखण्ड राय यूनिवर्सिटी के बीटेक छात्र की मौत से सनसनी फैल गई। बुधवार सुबह किराए के मकान में बंद कमरे से दुर्गंध आने पर लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर छात्र मनीष कुमार का शव पंखे से रस्सी के सहारे लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

मृतक मनीष कुमार हजारीबाग जिले के पेटो गांव निवासी हुसैनी साव का पुत्र था। वह झारखंड राय यूनिवर्सिटी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के पांचवें सेमेस्टर में पढ़ाई कर रहा था। मनीष यूनिवर्सिटी के पास एक किराए के मकान की पहली मंजिल पर रहता था। उसके साथ एक अन्य छात्र भी रहता था, लेकिन वह कुछ दिन पहले कहीं चला गया था। ऐसे में मनीष कमरे में अकेला था।

दो-तीन दिन पुराना बताया जा रहा शव
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह कमरे से तेज दुर्गंध आने पर अन्य किराएदारों को संदेह हुआ। दरवाजा अंदर से बंद था। इसके बाद दरवाजा तोड़कर लोग कमरे में दाखिल हुए, जहां मनीष का शव लटका मिला। पुलिस के अनुसार, शव दो से तीन दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। मकान मालिक ने भी मंगलवार को मनीष के कमरे का दरवाजा बंद पाया था। आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई जवाब नहीं मिला था।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया है। घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन और स्मार्टवॉच भी जब्त किया गया है। परिजनों को सूचना दे दी गई, जिसके बाद वे राँची पहुंचे। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।

तीन लाख की बाइक और प्रेम प्रसंग को लेकर चर्चाएं!
छात्र की मौत के बाद यूनिवर्सिटी के कई विद्यार्थी घटनास्थल पर पहुंचे। परिसर में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। कुछ छात्रों के बीच चर्चा थी कि मनीष करीब तीन लाख रुपये की बाइक खरीदना चाहता था, लेकिन परिजनों ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। वहीं, कुछ लोग प्रेम प्रसंग को भी संभावित वजह बता रहे थे।हालांकि, बाइक खरीदने को लेकर विवाद या प्रेम प्रसंग से जुड़ी बातें फिलहाल अपुष्ट हैं। पुलिस ने भी अभी तक आत्महत्या के कारणों की पुष्टि नहीं की है। इन चर्चाओं को घटना की वास्तविक वजह मानना जल्दबाजी होगी।

मोबाइल की जांच से खुल सकता है राज
पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। जब्त मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मनीष ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया। पुलिस जांच के बाद ही मामले की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

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