ईडी का देशव्यापी एक्शन:कहीं निवेश के नाम पर 5,978 करोड़ की ठगी पर कार्रवाई, तो कहीं 22,032 करोड़ की संपत्ति जब्त

 

नई दिल्ली। देश में आर्थिक अपराधों, निवेशकों से धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्रवाई तेज कर दी है। अलग-अलग राज्यों में चल रही जांच के तहत कहीं हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है, तो कहीं आरोपियों के खिलाफ अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की गई है। रिलायंस पावर से जुड़े फेमा मामले में 22,032.81 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने से लेकर निवेशकों को भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी करने के आरोपों तक, ईडी की कार्रवाई ने कई बड़े आर्थिक मामलों को सुर्खियों में ला दिया है।

रिलायंस पावर से जुड़े मामले में ₹22,032 करोड़ की संपत्ति जब्त

ईडी के हेडक्वार्टर इन्वेस्टिगेशन यूनिट ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े मामले में भारत में स्थित 22,032.81 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां जब्त की हैं। जांच के अनुसार, वर्ष 2006 में फॉरेन करेंसी कन्वर्टिबल बॉन्ड के जरिए जुटाई गई राशि का एक बड़ा हिस्सा सिंगापुर की सब्सिडियरी के माध्यम से ड्यूश बैंक, जिनेवा में जमा कराया गया था। आरोप है कि इन जमाओं को ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स (बीवीआई) की फ्रंट कंपनियों के ऋण के लिए गारंटी के तौर पर इस्तेमाल किया गया। ईडी की जांच में कथित तौर पर दस्तावेजों को बैकडेट में तैयार कर फंड के लेन-देन को छिपाने का मामला भी सामने आया है।

हीरा ग्रुप की नाउहेरा शेख गिरफ्तार, ₹5,978 करोड़ की ठगी का आरोप

निवेश पर 36 प्रतिशत से अधिक सालाना मुनाफे का लालच देकर हजारों करोड़ रुपये जुटाने के मामले में हीरा ग्रुप की नाउहेरा शेख पर ईडी ने शिकंजा कसा है। जांच एजेंसी के अनुसार, नाउहेरा शेख और उसके सहयोगियों ने विभिन्न राज्यों में आम लोगों से 5,978 करोड़ रुपये से अधिक की रकम निवेश के नाम पर वसूली, लेकिन निवेशकों को उनका मूलधन तक वापस नहीं मिला।सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने और गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद ईडी ने हरियाणा पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर गुरुग्राम से नाउहेरा शेख को गिरफ्तार किया। मामले में नीलामी से प्राप्त राशि को पीड़ितों और दावाकर्ताओं के बीच वितरण के लिए गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) को हस्तांतरित किए जाने की बात कही गई है।

यूनाइटेड सर्विसेज क्लब में ₹79 करोड़ से अधिक की हेराफेरी

मुंबई के यूनाइटेड सर्विसेज क्लब से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले में ईडी ने बर्नाडेट भारत वर्मा, उनके पति और नौ अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की है। आरोप है कि क्लब के वास्तविक विक्रेताओं के नाम से मिलते-जुलते नामों पर फर्जी बैंक खाते खोले गए और क्लब की रकम उन खातों में ट्रांसफर कर दी गई।जांच के मुताबिक, फर्जी खातों में 77.52 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्थानांतरित की गई, जबकि कुल हेराफेरी 79 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। ईडी इस मामले में पहले ही फ्लैट, जमीन, दुकान और बैंक बैलेंस सहित 47 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क कर चुकी है।
रियल एस्टेट कंपनी पर कार्रवाई, ₹188 करोड़ की संपत्ति कुर्क
ओशन सेवन बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मामले में ईडी ने लगभग 136.42 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इसके साथ ही इस मामले में कुल कुर्क संपत्तियों का मूल्य बढ़कर करीब 188 करोड़ रुपये हो गया है।

कुर्क संपत्तियों में राजस्थान के जयपुर के बिलोंची और कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र की जमीन, गुरुग्राम के सेक्टर-102 में आवासीय प्लॉट तथा कंपनी, प्रमोटर स्वराज सिंह यादव और उनकी पत्नी सुनीता स्वराज के पांच बैंक खातों में जमा 69 लाख रुपये से अधिक की रकम शामिल है।

सरकारी विकास निगम के ₹14.95 करोड़ के फंड में गड़बड़ी

कर्नाटक में डॉ. बीआर अंबेडकर विकास निगम से जुड़े फंड घोटाले में ईडी ने अयूब सैयद सहित छह आरोपियों के खिलाफ बेंगलुरु की विशेष पीएमएलए अदालत में पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की है।जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने जाली दस्तावेजों और फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर स्टेट बैंक ऑफ मैसूर में निगम के नाम से फर्जी चालू खाता खुलवाया। इसके बाद कथित तौर पर जाली टीडीआर-एफडीआर दस्तावेजों के जरिए निगम की चार फिक्स्ड डिपॉजिट समय से पहले तुड़वाई गईं और कुल 14.95 करोड़ रुपये की राशि का गबन किया गया। ईडी इस मामले में पहले 15 आरोपियों के खिलाफ शिकायत दाखिल कर संपत्तियां कुर्क कर चुकी है।

ऑनलाइन कमाई और मेंबरशिप का झांसा, जाई लाइफस्टाइल पर कार्रवाई

जाई लाइफस्टाइल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ भी ईडी ने कार्रवाई की है। कंपनी पर आरोप है कि उसने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से आकर्षक विज्ञापन दिखाकर लोगों को अपने मेंबरशिप मॉडल से जोड़ा। वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के बाद स्थायी सदस्यता और विज्ञापन देखने के बदले कमाई का प्रलोभन दिया जाता था।
इस योजना के तहत प्रति व्यक्ति जीएसटी सहित 1,109 रुपये वसूले जाने का आरोप है। ईडी ने मामले में कंपनी के बैंक खातों में जमा 3.70 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहले ही कुर्क कर ली है।

आर्थिक अपराधियों पर शिकंजा कसने की मुहिम तेज

इन मामलों से स्पष्ट है कि ईडी निवेश के नाम पर कथित धोखाधड़ी, सरकारी धन के दुरुपयोग, रियल एस्टेट से जुड़े वित्तीय अपराधों और विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन की अलग-अलग मामलों में जांच कर रही है। कहीं संपत्तियों की कुर्की और जब्ती की कार्रवाई हुई है, तो कहीं आरोपियों के खिलाफ अदालत में शिकायत दाखिल की गई है। हालांकि, इन मामलों में आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

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