60% मुनाफे का लालच देकर साथी जवान से 24 लाख की ठगी, कर्ज में डूबे जवान ने दी जान; CRPF हवलदार फरार

-लोन व पीएफ का पैसा चिटफंड कंपनी ‘रीपार्कल’ और पत्नी के खाते में कराया ट्रांसफर, कैंप छोड़कर भागा आरोपी हवलदार, उप प्राचार्य ने विधानसभा थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी

राँची।सीआरपीएफ सीटीसी (टी एंड आईटी) धुर्वा कैंप में तैनात हवलदार भुवनेश्वर पाल की संदिग्ध आत्महत्या के मामले में बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज खुलासा हुआ है।विभागीय जांच में सामने आया है कि साथी हवलदार ने ही 60 फीसदी सालाना भारी मुनाफे का सब्जबाग दिखाकर जवान से 24 लाख रुपये एक असुरक्षित पोंजी स्कीम (चिटफंड) में लगवा दिए थे।इस भारी-भरकम रकम के लिए जवान ने 15 लाख रुपये का पर्सनल लोन लिया और 9.8 लाख रुपये अपने भविष्य निधि (पीएफ) खाते से निकाले थे। जब भारी कर्ज और ठगी के जाल में जवान पूरी तरह फंस गया, तो उसने 27 सितंबर 2026 को मौत को गले लगा लिया। अब इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश करते हुए सीटीसी के उप प्राचार्य बृजेश कुमार दुबे ने विधानसभा थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपी हवलदार, उसकी सरकारी शिक्षिका पत्नी और चिटफंड कंपनी के सीईओ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी है।

विभागीय जांच रिपोर्ट के अनुसार, कैंप में तैनात हवलदार योगेश चन्द्र उरांव (पुत्र विपता उरांव, निवासी रोहतास नगर, सपारोम, नगड़ी, राँची) और उसकी पत्नी पूनम कुमारी ने जवानों को असुरक्षित वित्तीय निवेश के जाल में फंसाने का धंधा चला रखा था। योगेश उन जवानों को निशाना बनाता था जिन्हें वित्तीय बाजार की कम समझ थी।उसने हवलदार भुवनेश्वर पाल को लालगुटवा नगड़ी स्थित ‘मैसर्स रीपार्कल कंस्ट्रक्शन डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ में निवेश करने पर 60 प्रतिशत तक सालाना मुनाफा दिलाने का झांसा दिया, जो मौजूदा बैंकिंग या वित्तीय व्यवस्था में पूरी तरह असंभव है।इस कंपनी का संस्थापक व सीईओ रोशन उरांव है।

खाते में 15 लाख और पत्नी के अकाउंट में डलवाए 9 लाख, पोल खुली तो कैंप से हुआ फरार

जांच में साफ हुआ है कि मृतक भुवनेश्वर पाल ने लोन और पीएफ का फंड तोड़कर कुल 24 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसमें से 15 लाख रुपये सीधे कंपनी सीईओ रोशन उरांव के खाते में और 9 लाख रुपये हवलदार योगेश की पत्नी पूनम कुमारी के खाते में ट्रांसफर कराए गए थे।पूनम कुमारी झारखण्ड सरकार में बतौर अध्यापिका पदस्थापित हैं।उप प्राचार्य ने शिकायत में कहा है कि एक शिक्षिका होने के बावजूद वह इस प्रकार के अवैध और अनैतिक वित्तीय खेल में सक्रिय लाभार्थी बनी रहीं।

घटना के बाद जब विभागीय स्तर पर सख्ती से जांच शुरू हुई, तो हवलदार योगेश चन्द्र उरांव के होश उड़ गए।वह 3 अक्टूबर 2026 को अपने ममेरे भाई जीतवाहन उरांव के साथ कैंप से निकला और 4 अक्टूबर से बिना किसी सूचना के कैंप से फरार चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित चिटफंड नेटवर्क है, जिसमें कई अन्य जवानों की गाढ़ी कमाई भी फंसी हो सकती है। विधानसभा थाना पुलिस को दिए आवेदन में हवलदार योगेश चन्द्र उरांव, उसकी पत्नी पूनम कुमारी और कंपनी के सीईओ रोशन उरांव के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की गई है।पुलिस मामले की तहकीकात में जुट गई है।

error: Content is protected !!