राँची में राहुल दुबे गैंग के नाम पर 1 करोड़ की रंगदारी, बाप-बेटे को खोपड़ी खोल देने की धमकी,FIR दर्ज
राँची। राजधानी राँची के रातू थाना क्षेत्र में राहुल दुबे गैंग के नाम पर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। रंगदारी नहीं देने पर व्यवसायी मुख्तार साह और उनके बेटे ओवेश साह की हत्या करने की धमकी दी गई है। पीड़ित के मोबाइल पर व्हाट्सऐप मैसेज भेजकर एक सप्ताह के भीतर रंगदारी देने की चेतावनी दी गई। मामले में मुख्तार साह ने अपने पांच रिश्तेदारों पर साजिश रचने का संदेह जताते हुए रातू थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजकर दी धमकी
पुलिस को दिए आवेदन के अनुसार, रातू थाना क्षेत्र के डंडई फुतकल टोली निवासी मुख्तार साह (47) के मोबाइल नंबर पर 27 सितंबर 2026 की रात करीब 9:30 बजे एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सऐप मैसेज आया। मैसेज में एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। रकम नहीं देने पर मुख्तार साह और उनके बेटे ओवेश साह की ‘खोपड़ी खोल देने’ तथा जान से मारने की धमकी दी गई। मैसेज में एक सप्ताह का समय देते हुए यह भी दावा किया गया कि उनके आने-जाने और गाड़ी की जानकारी जुटा ली गई है तथा उनकी रेकी की गई है।
जमीन अपने नाम करने का भी बनाया दबाव
मुख्तार साह ने पुलिस को बताया कि 22 सितंबर को जाकिर साह, अताउल्लाह साह, मोज्जामील साह, अफरोज अहमद और मो. नन्हे उनके घर पहुंचे थे। उस समय वह घर पर मौजूद नहीं थे। आरोप है कि पांचों ने उनकी पत्नी के साथ गाली-गलौज की और मुख्तार साह के बारे में पूछताछ की। पत्नी द्वारा उनके राँची जाने की बात कहने पर आरोपियों ने कथित तौर पर जमीन अपने नाम करने का दबाव बनाया और ऐसा नहीं करने पर मुख्तार साह तथा उनके बेटे को जान से मरवा देने की धमकी दी।
पांच लोगों पर साजिश का संदेह
आवेदन में मुख्तार साह ने आशंका जताई है कि उक्त पांचों लोगों की मिलीभगत से उनके मोबाइल पर रंगदारी के मैसेज भेजे गए और धमकी दिलाई गई। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा अपने और अपने बेटे की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
रातू थाने में कांड दर्ज
लिखित शिकायत के आधार पर रातू थाना कांड संख्या 338/26, दिनांक 13 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(4)/3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच पुलिस अवर निरीक्षक नरेश कुमार यादव को सौंपी गई है।फिलहाल, शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जानी है। पुलिस जांच के बाद ही रंगदारी के मैसेज और कथित साजिश में आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
