जेएसएससी-सीजीएल : सीआईडी ने देवघर से क्लर्क सुधाकर को किया गिरफ्तार, छात्रों के चेक व सर्टिफिकेट हुए थे बरामद

 

राँची।जेएसएससी सीजीएल मामले में सीआइडी ने बुधवार को फिर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लिपिक सुधाकर कुमार को गिरफ्तार कर लिया। सीआईडी की विशेष टीम ने उसे देवघर जिले के रिखिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बैजनाथपुर बंधा स्थित एक मकान से हिरासत में लिया था और राँची लाकर उससे पूछताछ की थी, उसके बाद उसे गिरफ्तार किया। मूल रूप से बिहार के बांका जिले के जयपुर थाना क्षेत्र का निवासी सुधाकर यादव वर्ष 2018 से राँची स्थित सचिवालय में लिपिक (क्लर्क) के पद पर कार्यरत था। छापेमारी के दौरान उसने जांच टीम को बताया था कि उसका तबादला दुमका हो गया था, जिसके चलते वह देवघर इलाके में रह रहा था। हालांकि, जांच में सामने आया है कि वह सरकारी सेवा की आड़ में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में सेंधमारी करने वाले गिरोह से सीधे जुड़ा हुआ था।

अभ्यर्थियों के बयानों से खुला राज, रटवाए थे प्रश्न-उत्तर

सीआइडी द्वारा पूर्व में पकड़े गए अभ्यर्थियों और संलिप्त आरोपियों से पूछताछ के दौरान सुधाकर यादव का नाम प्रमुखता से सामने आया था। अभ्यर्थियों ने जांच अधिकारियों को बताया था कि सुधाकर ने कई परीक्षार्थियों को परीक्षा पास कराने के लिए अनुचित लाभ और सहयोग पहुंचाया था। प्रश्न-पत्र लीक कराने और गुप्त ठिकानों पर अभ्यर्थियों को प्रश्न व उत्तर रटवाने में उसकी सीधी भूमिका पाई गई है। इन पुख्ता इनपुट्स के आधार पर सीआइडी ने जाल बिछाकर उसे धर दबोचा।

छात्रों के ब्लैंक चेक, मूल प्रमाण पत्र बरामद

छापेमारी के दौरान सुधाकर के ठिकाने से कई अभ्यर्थियों के चेक, मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र और अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए थे। आशंका जताई जा रही है कि परीक्षा में सेटिंग के एवज में वित्तीय गारंटी के तौर पर छात्रों से ये चेक और दस्तावेज रखे गए थे। सीआईडी अब बरामद सभी दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन कर रही है। साथ ही उसके विभिन्न बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ डिजिटल संपर्कों की पड़ताल की जा रही है, ताकि लेन-देन के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य सफेदपोशों को बेनकाब किया जा सके।

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