CISF की कार्रवाई से भड़के ग्रामीण, तीर-धनुष लेकर पहुंचे और पांच घंटे तक किया घेराव

धनबाद। निरसा थाना क्षेत्र के ईसीएल चापापुर ओसीपी में रविवार को अवैध कोयला खनन और कोयला चुनने वालों के खिलाफ सीआइएसएफ की कार्रवाई उस समय भारी विरोध में बदल गयी, जब एक बुजुर्ग आदिवासी महिला के साथ कथित मारपीट की बात सामने आयी। महिला के घायल होने की सूचना फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण ओसीपी परिसर में जुट गये और सीआइएसएफ टीम को करीब पांच घंटे तक घेरकर रखा।
देखते ही देखते मौके पर 400 से 500 ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गयी। रामकनाली, गोपालगंज, मलिकडीह समेत आसपास के गांवों से पहुंचे ग्रामीणों में काफी आक्रोश था। भीड़ में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। कुछ आदिवासी ग्रामीण पारंपरिक तीर-धनुष लेकर भी मौके पर पहुंचे, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गयी।

ग्रामीणों का आरोप है कि लकड़ी चुनने गयी एक बुजुर्ग आदिवासी महिला के साथ सीआइएसएफ की महिला जवानों ने मारपीट की, जिससे वह घायल हो गयी। ग्रामीणों ने कार्रवाई के दौरान अन्य लोगों के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट का आरोप लगाया। इसी के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने सीआइएसएफ की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।ग्रामीण घायल महिला का समुचित इलाज कराने और कथित घटना को लेकर माफी मांगने की मांग पर अड़े रहे। काफी देर तक ग्रामीण और सीआइएसएफ जवान आमने-सामने रहे।

विरोध के दौरान आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा सीआइएसएफ की बोलेरो में तोड़फोड़ करने और वाहन को खाई में धकेलने का प्रयास करने की भी सूचना है। हालात बिगड़ते देख कुछ जवानों को दूसरे रास्ते से सुरक्षित बाहर निकाला गया।घटना की सूचना मिलने के बाद निरसा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस और सीआइएसएफ के अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे।

ग्रामीणों ने सीआइएसएफ की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अवैध कोयला कारोबार रोकने के नाम पर गरीब ग्रामीणों को निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना था कि यदि क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार चल रहा है तो सिर्फ कोयला चुनने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय बड़े कारोबारियों और कथित अवैध फैक्ट्रियों तक पहुंचने वाले नेटवर्क पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चापापुर ओसीपी और आसपास के इलाकों से अवैध रूप से निकाला गया कोयला रात के समय पिकअप वैन के जरिए विभिन्न स्थानों तक पहुंचाया जाता है। ग्रामीणों का दावा है कि कालूबथान ओपी क्षेत्र के कुछ उद्योगों और बरवा क्षेत्र के विभिन्न उद्योगों तक भी यह कोयला पहुंचाया जाता है। ग्रामीणों का सवाल था कि अगर इलाके में अवैध कोयला कारोबार का नेटवर्क सक्रिय है तो कार्रवाई केवल कोयला चुनने वाले गरीब लोगों तक ही क्यों सीमित है।

घटना के बाद निरसा पुलिस के अधिकारी और जवान मौके पर डटे रहे। सीआइएसएफ के अधिकारी भी ग्रामीणों से बातचीत करते रहे। करीब पांच घंटे तक चले विरोध के कारण ओसीपी परिसर और आसपास का माहौल तनावपूर्ण बना रहा। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण मौके पर मौजूद थे और घायल महिला के इलाज तथा कथित मारपीट की घटना को लेकर अपनी मांगों पर कायम थे।

 

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