होटल कारोबारी निखार हत्याकांड में बड़ा खुलासा: कानपुर से दबोचा गया मुख्य साजिशकर्ता सिंटू, एक हफ्ते से चल रही थी कारोबारी की रेकी

 

जमशेदपुर। शहर के चर्चित होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह को कानपुर से गिरफ्तार किया है। शनिवार देर रात मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने उसे ट्रेस किया और दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम उसे जमशेदपुर लेकर पहुंची, जहां वरीय पुलिस पदाधिकारी उससे लगातार पूछताछ कर रहे हैं।

पुलिस जांच में अब तक सामने आया है कि निखार सबलोक की हत्या अचानक नहीं हुई थी, बल्कि इसके पीछे पहले से रची गई साजिश थी। हत्या से करीब एक सप्ताह पहले निखार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। पुलिस को आशंका है कि शूटरों को निखार के आने-जाने और उनके ठिकानों की जानकारी लगातार दी जा रही थी।

लाल कार से शुरू हुई रेकी की कहानी
जांच में पुलिस को पता चला है कि रेकी के लिए सिंटू सिंह ने मानगो डिमना रोड निवासी विश्वनाथ से लाल रंग की कार खरीदी थी। इसी कार के जरिए निखार की गतिविधियों पर नजर रखे जाने की बात सामने आ रही है। पुलिस अब कार, मोबाइल लोकेशन और हत्याकांड के दौरान संदिग्धों की गतिविधियों के बीच कनेक्शन तलाश रही है।पूछताछ में सिंटू सिंह पुलिस के साथ सहयोग कर रहा है। माना जा रहा है कि पूछताछ के आधार पर पुलिस उसे हत्याकांड से जुड़े संभावित स्थानों पर भी ले जा सकती है। पुलिस को उम्मीद है कि सिंटू से पूछताछ के बाद हत्या की पूरी साजिश, शूटरों और हत्या के पीछे के कारणों से पर्दा उठ सकता है।

अपराध की दुनिया में पुराना नाम, कई मामले दर्ज
अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह मानगो-उलीडीह इलाके का चर्चित अपराधी बताया जाता है। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में फायरिंग, रंगदारी और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले दर्ज हैं। जमशेदपुर पुलिस ने उसे पूर्व में तड़ीपार भी किया था। इसके बाद वह कपाली इलाके में रहकर कथित तौर पर अपने गिरोह की गतिविधियां संचालित कर रहा था।सूत्रों के अनुसार, जेल से बाहर आने के बाद सिंटू सिंह ने अखिलेश सिंह गिरोह से भी हाथ मिला लिया था। वहीं, वह हाईवे के किनारे के अलावा चांडिल, कपाली और एमजीएम थाना क्षेत्र में जमीन के कारोबार से भी जुड़ा हुआ था।

कभी गुड्डू पांडेय के गिरोह का हिस्सा था सिंटू
सिंटू सिंह का अपराध की दुनिया से पुराना नाता रहा है। बताया जाता है कि वह पहले मानगो के शातिर अपराधी गुड्डू पांडेय के गिरोह से जुड़ा हुआ था। बाद में गणेश सिंह को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि सिंटू सिंह ने कथित तौर पर गुड्डू पांडेय के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी थी।अब निखार सबलोक हत्याकांड में उसका नाम मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर सामने आने के बाद पुलिस उसके पुराने आपराधिक नेटवर्क और मौजूदा संपर्कों को भी खंगाल रही है।

चांडिल के होटल में दोस्तों से मिलने पहुंचे थे निखार
गौरतलब है कि 24 अगस्त की दोपहर करीब तीन बजे होटल कारोबारी निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घर से निकलने के बाद निखार चांडिल थाना क्षेत्र स्थित होटल टेंथ माइल स्टोन पहुंचे थे। वहां चांडिल निवासी सुखलाल पहाड़िया और उनके साथी मनमन सिंह व गुरुचरण सिंह से जमीन को लेकर बातचीत करनी थी।बताया जाता है कि होटल के आसपास पहले से हमलावर मौजूद थे। निखार ने दोस्तों से बातचीत की और जैसे ही होटल से बाहर निकले, अपराधियों ने उन पर गोलियों की बौछार कर दी। हमलावरों ने इतनी बेरहमी से फायरिंग की कि निखार के शरीर में 11 गोलियां लगीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

अब शूटर और हत्या की वजह पर पुलिस की नजर
मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल है कि निखार की हत्या के पीछे असली वजह क्या थी और वारदात को अंजाम देने वाले शूटर कौन थे। पुलिस सिंटू से पूछताछ के जरिए इस पूरी कड़ी को जोड़ने में जुटी है।
इधर, इस मामले में सोनारी के कारोबारी अशोक सिंह राघव को शनिवार को टीएमएच में भर्ती कराया गया है। चांडिल थाना में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। पुलिस पूरे मामले में उनसे भी पूछताछ कर रही है।मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही निखार सबलोक हत्याकांड की पूरी साजिश, हत्या की वजह और सुपारी किलिंग में शामिल अन्य चेहरों का खुलासा हो सकता है।

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