CEIR पोर्टल से झारखण्ड पुलिस की बड़ी सफलता, 817 लोगों को लौटाए गए गुम मोबाइल

राँची। झारखण्ड पुलिस ने गुम और खोए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के माध्यम से राज्यभर में ट्रेस किए गए 817 मोबाइल फोन उनके वास्तविक धारकों को वापस सौंपे गए। 25 अगस्त (मंगलवार) को विभिन्न जिलों में आयोजित कार्रवाई के दौरान जब लोगों को उनका खोया मोबाइल वापस मिला तो उनके चेहरे पर खुशी साफ नजर आई।
झारखण्ड पुलिस मुख्यालय के मीडिया सेल के अनुसार, गुम अथवा खोए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए CEIR पोर्टल का प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है। इस व्यवस्था के जरिए मोबाइल फोन के IMEI नंबर के आधार पर उसे ट्रेस करने का प्रयास किया जाता है। मोबाइल के दोबारा किसी नेटवर्क पर सक्रिय होने की स्थिति में उसकी पहचान और लोकेशन संबंधी जानकारी के आधार पर पुलिस उसके वास्तविक धारक तक पहुंचने की कार्रवाई करती है।
राँची में 100, सिमडेगा में सबसे ज्यादा 128 मोबाइल बरामद
25 अगस्त को राज्य के अलग-अलग जिलों में कुल 817 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। इनमें सबसे अधिक सिमडेगा जिले में 128 मोबाइल फोन धारकों को वापस किए गए। वहीं साहेबगंज में 106 और राँची में 100 मोबाइल फोन लौटाए गए।जिलेवार आंकड़ों के मुताबिक बोकारो में 78, रामगढ़ में 59, गढ़वा में 57, खूंटी में 53, जामताड़ा में 37, चाईबासा में 33, धनबाद में 29 और जमशेदपुर में 28 मोबाइल फोन बरामद किए गए।इसके अलावा गुमला में 24, लातेहार में 24, गोड्डा में 18, चतरा में 18, लोहरदगा में 14, हजारीबाग में 7 और सरायकेला में 4 मोबाइल फोन उनके वास्तविक धारकों को सौंपे गए।
मोबाइल वापस मिला तो खिले चेहरे
गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन लोगों के लिए सिर्फ एक महंगा उपकरण नहीं होते, बल्कि इनमें जरूरी दस्तावेज, फोटो, संपर्क नंबर, बैंकिंग और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी भी मौजूद रहती है। ऐसे में मोबाइल वापस मिलने से लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ जरूरी डेटा और संपर्कों के नुकसान से भी राहत मिलती है।
पुलिस के अनुसार, मोबाइल फोन वापस मिलने पर कई लोगों ने राहत और खुशी जताई। पुलिस का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से आम लोगों का पुलिस के प्रति भरोसा और मजबूत होता है।
CEIR से मोबाइल ट्रेस करने में मिल रही मदद
गुम या खोए मोबाइल फोन की बरामदगी में CEIR पोर्टल पुलिस के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी माध्यम बनकर सामने आया है। मोबाइल धारक द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद उसके मोबाइल के IMEI नंबर के आधार पर उसे ट्रैक करने की प्रक्रिया शुरू की जाती है। मोबाइल किसी दूसरे सिम के साथ इस्तेमाल होने पर उसकी जानकारी के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है।इससे ऐसे मोबाइल फोन को भी ट्रेस करने में मदद मिलती है, जिन्हें लोग गुम होने के बाद दोबारा हासिल होने की उम्मीद लगभग छोड़ चुके होते हैं।
पुलिस का अभियान आगे भी रहेगा जारी
झारखण्ड पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गुम और खोए मोबाइल फोन की बरामदगी का अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस का लक्ष्य CEIR पोर्टल का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए अधिक से अधिक मोबाइल फोन को ट्रेस कर उनके वास्तविक धारकों तक पहुंचाना है।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में इसकी सूचना पुलिस को दें और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें, ताकि मोबाइल के IMEI नंबर के माध्यम से उसे ट्रेस करने की कार्रवाई की जा सके।
एक दिन में 817 मोबाइल की बरामदगी यह बताती है कि तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस न केवल अपराध की जांच को मजबूत कर रही है, बल्कि आम लोगों की खोई हुई संपत्ति उन्हें वापस दिलाने में भी अहम भूमिका निभा रही है।

