बंगाल-झारखण्ड सीमा पर बंगाल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करीब एक करोड़ की ब्राउन शुगर बरामद; दो गिरफ्तार

मिहिजाम। अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बंगाल-झारखण्ड सीमा क्षेत्र से करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की 510 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कथित ब्राउन शुगर बरामद करने का दावा किया है। पुलिस ने मौके से दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक पिकअप वैन को भी जब्त किया गया है। बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी के बाद पुलिस अब इस पूरे मामले के पीछे सक्रिय अंतरराज्यीय नेटवर्क की कड़ियां तलाशने में जुट गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए सालानपुर थाना प्रभारी विश्वजीत मंडल के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में रूपनारायणपुर फांड़ी प्रभारी सुमंगल सरकार की सक्रियता में एक विशेष टीम गठित कर बंगाल-झारखण्ड सीमा से सटे धांगुड़ी काशी डांगा इलाके में संदिग्ध वाहनों और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
बताया जाता है कि बुधवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस टीम को एक संदिग्ध पिकअप वैन के बारे में जानकारी मिली। वाहन बंगाल सीमा पार कर झारखण्ड की ओर बढ़ रहा था। पुलिस ने धांगुड़ी मोड़ के पास घेराबंदी कर पिकअप वैन को रोक लिया और उसमें सवार लोगों से पूछताछ शुरू की।
पुलिस के अनुसार, पिकअप वैन की तलाशी लेने पर उसमें सिगरेट के कई कार्टन मिले। शुरुआती तौर पर वाहन में सामान्य सामान देखकर पुलिस को कुछ असामान्य नजर नहीं आया। हालांकि, संदेह होने पर टीम ने कार्टनों की गहनता से जांच शुरू की।
जांच के दौरान सिगरेट के पैकेटों को हटाया गया तो कार्टन के अंदर कथित तौर पर बेहद चालाकी से छिपाकर रखा गया मादक पदार्थ बरामद हुआ। जांच में करीब 510 ग्राम ब्राउन शुगर मिलने की बात सामने आई। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत पुलिस ने करीब एक करोड़ रुपये बताई है।बरामदगी के बाद पुलिस ने पिकअप वैन में मौजूद दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। वाहन को भी जब्त कर लिया गया है।
इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी के बाद पुलिस के सामने अब कई अहम सवाल हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ब्राउन शुगर की खेप कहां से लाई गई थी, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।पूछताछ के आधार पर पुलिस तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपित केवल इस नेटवर्क की एक कड़ी हो सकते हैं और इनके पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय हो सकता है।
इस कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई है कि कथित तस्करों ने मादक पदार्थ को सीधे तौर पर नहीं रखा था, बल्कि उसे सिगरेट के कार्टन के बीच छिपाकर ले जाने की कोशिश की जा रही थी। इससे यह संकेत मिलता है कि तस्करी में शामिल लोग पुलिस की नजरों से बचने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इसी तरीके से पहले भी मादक पदार्थ की खेप सीमा पार कराई गई है। यदि पूछताछ में इस संबंध में कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आती है तो तस्करी के पुराने मामलों की भी कड़ियां जोड़ी जा सकती हैं।
बंगाल और झारखण्ड की सीमा से लगे इलाकों में मादक पदार्थों की आवाजाही रोकना पुलिस के लिए लगातार चुनौती बना हुआ है। ऐसे में करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की कथित ब्राउन शुगर की बरामदगी और दो लोगों की गिरफ्तारी को पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।पुलिस की आगे की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि बरामद खेप का स्रोत क्या है, इसका संभावित गंतव्य कहां था और इस पूरे नेटवर्क में स्थानीय स्तर से लेकर अंतरराज्यीय स्तर तक कितने लोग जुड़े हुए हैं।
फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और आगे की जांच से मादक पदार्थ तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े कई अहम नाम और जानकारियां सामने आ सकती हैं। सीमा क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद तस्करी से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।

