आधी रात स्टेडियम पहुंचे DC-SSP, छात्रों से हुई बातचीत; 19वें दिन भी JPSC-JSSC आंदोलन जारी, CM ने 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने का किया ऐलान

राँची।झारखण्ड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है।राँची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गया। छात्र 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा समेत विवादित भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने, पूरे मामले की सीबीआई से स्वतंत्र जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
आधी रात को स्टेडियम पहुंचे DC और SSP, बढ़ी हलचल
आंदोलन के 18वें दिन यानी मंगलवार देर रात करीब एक बजे राँची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन पुलिस अधिकारियों के साथ जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित धरना स्थल पहुंचे। प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के अचानक पहुंचने से धरना स्थल पर हलचल बढ़ गई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत की। प्रशासन की ओर से कहा गया कि छात्रों से बातचीत करने और धरना स्थल की स्थिति तथा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए अधिकारी पहुंचे थे। वहीं, कुछ आंदोलनरत छात्रों को आशंका थी कि प्रशासन उन्हें धरना स्थल से हटाने के लिए पहुंचा है। हालांकि, छात्र धरना समाप्त करने या स्थल छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुए।
रिपोर्ट के अनुसार, उपायुक्त ने छात्रों से कहा कि यदि वे JSSC-CGL परीक्षा को रद्द कराने की मांग कर रहे हैं तो इसके समर्थन में ठोस आधार और साक्ष्य प्रशासन के सामने रखें। उन्होंने छात्रों को अपने अधिवक्ताओं के साथ प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने का सुझाव भी दिया।
वहीं SSP राकेश रंजन ने धरना स्थल के आसपास घूम रहे संदिग्ध या अवांछित लोगों की पहचान कर उन्हें हटाने में सहयोग करने की अपील छात्रों से की। इस दौरान धरना स्थल के आसपास मौजूद एक संदिग्ध युवक से पूछताछ की गई और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उसे हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया। छात्रों ने पुलिस पर देर रात अभ्यर्थियों के नाम-पते दर्ज करने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस की ओर से नाम-पता दर्ज किए जाने की बात से इनकार किया गया।
छात्रों का साफ संदेश- मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी
धरना स्थल पर मौजूद छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। छात्रों की प्रमुख मांगों में विवादित परीक्षाओं को रद्द करना और कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराना शामिल है।छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि जब तक परीक्षा रद्द करने और स्वतंत्र जांच को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में उनका आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन को आगे व्यापक जनांदोलन में बदलने की चेतावनी भी दी गई है।
10 अगस्त को विधानसभा कूच के दौरान हुआ था टकराव
इससे पहले 10 अगस्त को आंदोलन ने उस समय उग्र रूप ले लिया था जब बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा की ओर मार्च करने पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। रिपोर्टों के अनुसार, छात्रों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी और पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस तथा पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। छात्रों का एक समूह बैरिकेड पार कर विधानसभा की ओर बढ़ गया था।इस घटना के बाद आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। विपक्षी दलों ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और सरकार से उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेने की मांग की।
आंदोलन की शुरुआत से ही उठ रही हैं कई मांगें
छात्रों का आंदोलन केवल 14वीं JPSC परीक्षा तक सीमित नहीं है। आंदोलनकारी पिछले कुछ वर्षों में JPSC और JSSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करना, 2019 के बाद आयोजित विभिन्न JSSC परीक्षाओं की जांच, JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच, OMR और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध कराना, श्रेणीवार कटऑफ सार्वजनिक करना तथा नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करना शामिल है।छात्र OMR शीट में ‘नॉट अटेम्प्टेड’ के लिए पांचवें विकल्प को शामिल करने और भर्ती आयोगों की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार की मांग भी कर रहे हैं।
जांच के बीच कई गिरफ्तारियां, पूर्व JPSC अध्यक्ष से भी पूछताछ,गिरफ्तार
JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान कार्रवाई भी हुई है। अब तक 20 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी। JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से भी पूछताछ की गई,उज़के बाद उन्हें भी गिरफ्तार किया गया है।
इससे पहले CID की कार्रवाई के बाद JPSC ने जुलाई में निर्धारित सिविल सेवा मुख्य परीक्षा को भी स्थगित कर दिया था। परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक समेत कई लोगों की गिरफ्तारी की खबर सामने आई थी।
सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने का किया ऐलान
इधर, छात्रों के आंदोलन के बीच मंगलवार को सरकार की ओर से बड़ा फैसला सामने आया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की घोषणा की। उन्होंने दो अन्य JPSC परीक्षाओं को भी रद्द करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने TDPL के माध्यम से कराई गई सभी परीक्षाओं की जांच कराने की भी घोषणा की।
14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करना आंदोलनरत छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल था। हालांकि, छात्रों की दूसरी प्रमुख मांगों, खासकर JPSC-JSSC की कथित अनियमितताओं की CBI जांच, को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है। यही वजह है कि सरकार के इस ऐलान के बावजूद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन जारी है।
सरकार के ऐलान के बाद भी आंदोलन पर नजर
सरकार की ओर से 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने और TDPL से जुड़ी परीक्षाओं की जांच की घोषणा को आंदोलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दूसरी ओर, छात्र अब यह देखना चाहते हैं कि उनकी बाकी मांगों पर सरकार क्या ठोस कार्रवाई करती है।जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 19वें दिन भी धरना जारी है। आधी रात को प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने और उसके बाद मुख्यमंत्री की ओर से परीक्षा रद्द करने की घोषणा ने पूरे मामले को और महत्वपूर्ण बना दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच अगली बातचीत में क्या कोई समाधान निकलता है या आंदोलन आगे भी जारी रहता है।
