18वें दिन आंदोलन में बिगड़ी छात्रा की तबीयत, भूख हड़ताल ने बढ़ाई चिंता–

–आठ दिन से अनशन पर बैठी थी छात्रा, तेज पेट दर्द और उल्टी के बाद सदर अस्पताल में भर्ती
राँची। JPSC-JSSC रिफॉर्म समेत विभिन्न मांगों को लेकर राजधानी राँची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 18वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के बीच लगातार भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की सेहत अब चिंता का बड़ा कारण बनती जा रही है। मंगलवार शाम अनशन पर बैठी एक छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसे आनन-फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया।
जानकारी के मुताबिक, छात्रा पिछले करीब आठ दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर थी। मंगलवार शाम अचानक उसे तेज पेट दर्द के साथ उल्टी होने लगी। हालत बिगड़ते ही आंदोलन स्थल पर मौजूद छात्रों और समर्थकों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। तत्काल अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई।
सदर अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने छात्रा की जांच की। स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती कर चिकित्सकीय निगरानी में रखने की सलाह दी गई। लंबे समय तक भोजन नहीं करने का असर उसकी सेहत पर पड़ने की बात चिकित्सकीय स्तर पर सामने आई है। हालांकि, उसकी आगे की स्वास्थ्य स्थिति जांच और चिकित्सकीय निगरानी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
एक छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद आंदोलन स्थल पर भूख हड़ताल कर रहे अन्य छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। पिछले 18 दिनों से बड़ी संख्या में छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। इनमें कई छात्र लगातार अनशन पर बैठे हैं।आंदोलनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। उनका दावा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और संतोषजनक पहल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
मंगलवार की घटना के बाद स्टेडियम परिसर में मौजूद छात्रों और समर्थकों के बीच छात्रा के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी रही। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार भूख हड़ताल के कारण आंदोलनकारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा भी गंभीर मुद्दा बन गई है। उनका कहना है कि सरकार को उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेना चाहिए, ताकि आंदोलन समाप्त करने की दिशा में कोई रास्ता निकल सके।फिलहाल छात्रा सदर अस्पताल में चिकित्सकीय देखरेख में है। दूसरी ओर, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन 18वें दिन भी जारी है। आंदोलनकारियों की मांगों और सरकार की ओर से होने वाली पहल पर अब सबकी नजर टिकी है।

