अनुपम कच्छप हत्याकांड: 6 आरोपियों की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 20 अगस्त तक सरेंडर का आदेश

 

राँची।स्पेशल ब्रांच के सब इंस्पेक्टर अनुपम कच्छप हत्याकांड में जमानत पर बाहर चल रहे छह आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। झारखंड हाईकोर्ट से मिली जमानत को राज्य सरकार की ओर से चुनौती दिए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सभी छह आरोपियों को 20 अगस्त तक संबंधित ट्रायल कोर्ट में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट को आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर नए सिरे से सुनवाई करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, जब तक ट्रायल कोर्ट जमानत पर दोबारा फैसला नहीं करता, तब तक आरोपियों को जेल में रहना होगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जिन आरोपियों की जमानत प्रभावित हुई है, उनमें मनोहर कुमार सिंह, गौतम यादव, सुगरीम सिंह, राजेंद्र कुमार महतो, राजेश कुमार महतो और संजय सिंह शामिल हैं।
राज्य सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी, जिसके तहत इन सभी आरोपियों को जमानत मिली थी।

बता दें झारखण्ड हाईकोर्ट ने पिछले वर्ष सभी छह आरोपियों को 25-25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी थी। कोर्ट ने जमानत देते समय कई शर्तें भी तय की थीं।आरोपियों को आधार कार्ड में किसी तरह का बदलाव नहीं करने और मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाहों को प्रभावित नहीं करने का निर्देश दिया गया था। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के इसी जमानत आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

2 अगस्त 2024 की रात हुई थी सनसनीखेज वारदात
स्पेशल ब्रांच के सब इंस्पेक्टर अनुपम कच्छप की 2 अगस्त 2024 की देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अगले दिन, 3 अगस्त को उनका खून से लथपथ शव राँची के कांके थाना क्षेत्र में संग्रामपुर रिंग रोड के पास एक होटल के समीप बरामद हुआ था।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और इस हत्याकांड में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। अब हाईकोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ राज्य सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश ने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।फिलहाल सभी छह आरोपियों को 20 अगस्त तक ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करना होगा। इसके बाद उनकी जमानत पर नए सिरे से सुनवाई होगी।

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