गुमला: भाई के झगड़े में बीच-बचाव करने की मिली खौफनाक सजा, टांगी से वार कर छोटे भाई की हत्या…

गुमला।रिश्तों के कत्ल की एक दिल दहला देने वाली वारदात झारखण्ड के गुमला जिले से सामने आई है। घाघरा प्रखंड मुख्यालय के महदनिया टोला में एक मामूली घरेलू विवाद ने देखते ही देखते खूनी रूप अख्तियार कर लिया। यहाँ एक बड़े भाई ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए अपने ही सगे छोटे भाई पर टांगी (कुल्हाड़ी) से ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद से आरोपी भाई फरार है।

​प्रत्यक्षदर्शी और मृतक की बेटी अनीशा के मुताबिक, यह खौफनाक मंजर तब शुरू हुआ जब उसके बड़े पिता सुरेंद्र उरांव और बड़ी मां के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस शुरू हुई। गुस्सा इस कदर बढ़ा कि सुरेंद्र ने अपनी पत्नी को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।आरोपी ने घर को उड़ाने की नीयत से रसोई में जाकर गैस सिलेंडर का पाइप तक खोल दिया।

​घर में मचे इस कोहराम और चीख-पुकार को सुनकर छोटा भाई, 35 वर्षीय तिवारी उरांव, बीच-बचाव करने दौड़ा। उसने बड़े भाई को शांत करने की कोशिश की, लेकिन गुस्से में अंधा हो चुके सुरेंद्र ने आव देखा न ताव, पास में रखी टांगी उठा ली। इससे पहले कि तिवारी कुछ समझ पाता, सुरेंद्र ने उसके सिर पर एक के बाद एक कई जानलेवा वार कर दिए। तिवारी खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़ा।

​घायल तिवारी को बचाने के लिए परिजन आनन-फानन में उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), घाघरा पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद भी हालत में सुधार न होते देख डॉक्टरों ने उसे सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया।​सदर अस्पताल में भी तिवारी की नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे तुरंत रिम्स राँची के लिए रेफर किया। लेकिन अफसोस, रिम्स पहुंचने से पहले ही रास्ते में तिवारी की सांसें थम गईं और उसने दम तोड़ दिया।

​वारदात की खबर मिलते ही घाघरा पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद से ही आरोपी सुरेंद्र उरांव फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।

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