रथयात्रा महापर्व:राँची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में उमड़ा आस्था का महासैलाब, शाम 5 बजे निकलेगा भगवान जगन्नाथ का भव्य रथ

राँची। राजधानी आज भगवान जगन्नाथ की भक्ति में सराबोर है। ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में रथयात्रा महापर्व के अवसर पर तड़के 3 बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। जैसे-जैसे सुबह हुई, मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भर गया और पूरा वातावरण “जय जगन्नाथ” व “हरे कृष्ण” के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा।भक्त पूरे श्रद्धाभाव से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। महाआरती के दौरान मंदिर परिसर का आध्यात्मिक नजारा हर किसी को भाव-विभोर कर रहा है।
रथयात्रा का सबसे भव्य क्षण आज शाम 5 बजे आएगा, जब भगवान जगन्नाथ अपने विशाल रथ पर सवार होकर मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे। मान्यता है कि रथ की रस्सी को छूने या खींचने मात्र से भक्तों को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि हजारों श्रद्धालु इस दिव्य अवसर का हिस्सा बनने के लिए शाम से पहले ही जुटने लगे हैं।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और स्वयंसेवक लगातार व्यवस्था संभाले हुए हैं। पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है, जिससे दर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी है।
मौसीबाड़ी में नौ दिनों का प्रवास, मेले की भी रौनक
रथयात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ नौ दिनों तक मौसीबाड़ी में विराजमान रहेंगे। उधर, मंदिर के आसपास सजा पारंपरिक मेला भी श्रद्धालुओं और शहरवासियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपरा का यह अद्भुत संगम राजधानी राँची को भक्तिमय रंग में रंग रहा है।

