झांसा, जाल और ज़ुल्म: गोड्डा में टोटो चालक की चिकनी-चुपड़ी बातों में फंसी महिला, पांच भेड़ियों ने मिलकर किया गैंगरेप…

गोड्डा।अंधविश्वास इंसान को किस कदर ले डूबता है, इसकी एक रूहकंपा देने वाली बानगी झारखण्ड के गोड्डा जिले में देखने को मिली है। बिहार के भागलपुर की रहने वाली एक महिला अपने खोए हुए मोबाइल का पता लगाने के लिए ‘ओझा-गुणी’ (तांत्रिक) के चक्कर में झारखण्ड आई थी, लेकिन उसे क्या पता था कि जिस मोबाइल को वह ढूंढ रही है, उसे ढूंढने की चाहत में वह खुद हवस के भेड़ियों के चंगुल में फंस जाएगी। महगामा थाना क्षेत्र में इस बेबस महिला के साथ पांच दरिंदों ने सामूहिक दुष्कर्म की खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत सभी पांचों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
इस पूरी वारदात की शुरुआत तब हुई जब बिहार के भागलपुर जिले के सनोखर थाना क्षेत्र की रहने वाली इस पीड़ित महिला का मोबाइल फोन घर पर ही कहीं खो गया था। तंत्र-मंत्र के झांसे में आकर महिला मोबाइल का सुराग लगाने के लिए ओझा-गुणी से मिलने गोड्डा पहुंच गई। इसी दौरान वह अपने एक रिश्तेदार से मिलने के लिए महगामा थाना क्षेत्र की ओर जा रही थी। तभी रास्ते में उसकी मुलाकात मोहम्मद अकरम नाम के एक शातिर टोटो चालक से हुई। महिला को परेशान देखकर अकरम ने भांप लिया कि वह किसी बड़ी उलझन में है। जब महिला ने उसे मोबाइल खोने और ओझा से मिलने की बात बताई, तो अकरम ने वहीं पर अपनी घिनौनी साजिश का ताना-बाना बुनना शुरू कर दिया।
टोटो चालक मोहम्मद अकरम ने महिला को अपने झांसे में लेते हुए बड़े ही विश्वास के साथ कहा कि वह एक ऐसे चमत्कारी और बड़े ओझा को जानता है, जो पलक झपकते ही उसके गायब मोबाइल का सटीक पता लगा देगा। सीधे-सादे स्वभाव की महिला अकरम की चिकनी-चुपड़ी बातों और इस झूठे आश्वासन के जाल में पूरी तरह फंस गई। इसके बाद अकरम ने महिला को अपने टोटो में बिठाया। वह ओझा से मिलाने के बहाने दिनभर महिला को टोटो में बिठाकर अलग-अलग रास्तों और सुनसान इलाकों में इधर-उधर घुमाता रहा, ताकि शाम ढलने का इंतजार किया जा सके। जैसे ही अंधेरा बढ़ा, अकरम का असली और खूंखार चेहरा सामने आ गया। वह महिला को बहला-फुसलाकर महगामा के लौगांय गांव के एक एकांत इलाके में ले गया, जहां उसके चार अन्य साथी पहले से ही घात लगाए बैठे थे। वहां अकरम और उसके उन दरिंदे साथियों ने महिला को बंधक बना लिया और चीखने-चिल्लाने के बावजूद बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
इस हैवानियत से उबरने के बाद पीड़ित महिला ने हिम्मत जुटाई और 8 जुलाई को सीधे महगामा थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई। मामला एक महिला और सामूहिक दुष्कर्म से जुड़ा होने के कारण गोड्डा के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार ने तुरंत मामले को गंभीरता से लिया। उनके कड़े निर्देश पर महगामा एसडीपीओ वरुण रजक के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए वैज्ञानिक और मानवीय साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया और तकनीकी इनपुट्स के आधार पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर मुख्य आरोपी मोहम्मद अकरम (19 वर्ष) समेत घटना में शामिल सभी पांचों आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए अन्य आरोपियों की पहचान नूर नबी (35 वर्ष), मोहम्मद यूसुफ (22 वर्ष), मोहम्मद आसिफ (21 वर्ष) और खुर्शीद आलम (23 वर्ष) के रूप में हुई है, जो सभी महगामा के लौगांय गांव के ही रहने वाले हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए उस टोटो और चार मोबाइल फोन को भी बरामद कर लिया है। महगामा एसडीपीओ वरुण रजक ने बताया कि सामूहिक दुष्कर्म की इस खौफनाक गुत्थी को सुलझा लिया गया है और पकड़े गए सभी पांचों आरोपियों को गुरुवार को जेल भेज दिया गया है, जबकि मामले की आगे की कानूनी जांच सरगर्मी से जारी है।
