सीसीएल में क्लर्क की नौकरी दिलाने के नाम पर 5.10 लाख की ठगी, डोरंडा थाने में एफआईआर दर्ज

 

राँची।राँची के डोरंडा थाना क्षेत्र में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड में क्लर्क पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर एक महिला से 5 लाख 10 हजार रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़िता नेहा तिर्की के लिखित आवेदन पर डोरंडा थाने में केस दर्ज किया गया है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, मामले में दो महिलाओं को नामजद आरोपी बनाया गया है। प्रतिभा कुमारी (पति- शिवनारायण उरांव, मूल निवासी शिवपुर कुल्ही, गुमला; वर्तमान पता- दलादली, रांची) और रेखा मिंज (पिता- जोगी मिंज, निवासी जिलिंगा टांगर टोली, गुमला) शामिल है।

ठगी की पूरी कहानी: ‘जुगाड़’ से नौकरी का दिया झांसा

पीड़िता नेहा तिर्की ने पुलिस को बताया कि उसकी सहेली प्रतिभा कुमारी ने उससे डोरंडा में मुलाकात की थी। प्रतिभा ने झांसा दिया कि सीसीएल में क्लर्क पद की बहाली निकली है और वहां उसकी पैरवी (जुगाड़) है। चूंकि यह केंद्र सरकार की नौकरी है, इसलिए अच्छा वेतन मिलेगा, लेकिन इसके लिए 5 लाख 10 हजार रुपये का खर्च आएगा।

ऐसे हुआ पैसों का लेन-देन

पीड़िता जालसाजों के झांसे में आ गई। फरवरी 2025 में प्रतिभा ने नेहा की मुलाकात रेखा मिंज से कराई। इसके बाद नेहा ने प्रतिभा कुमारी के एसबीआई खाते में यूपीआई के माध्यम से और नगद मिलाकर कुल 3,00,000 रुपये (तीन लाख) दिए (जिसमें ₹50,000 कैश था)। इसके बाद प्रतिभा के कहने पर नेहा ने बाकी बचे 2,10,000 रुपये (दो लाख दस हजार) रेखा मिंज के आईसीआईसीआई बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।

विश्वास जीतने के लिए किया एग्रीमेंट, पैसे मांगने पर दी धमकी

जब नेहा ने नौकरी को लेकर दबाव बनाना शुरू किया, तो आरोपियों ने उसका विश्वास जीतने के लिए 15 मई 2025 को एक लिखित इकरारनामा (एग्रीमेंट) किया। एग्रीमेंट में शर्त थी कि यदि 6 महीने के भीतर नौकरी नहीं होती है, तो वे ब्याज के साथ पूरी रकम वापस कर देंगे। कई महीने बीत जाने के बाद भी जब न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस किए गए, तो पीड़िता ने अपनी रकम की मांग की। आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर दोनों आरोपी महिलाएं अब गाली-गलौज कर रही हैं और नेहा को जान से मारने की धमकी दे रही हैं। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों और तकनीकी इनपुट के आधार पर मामले की तफ्तीश कर रही है।

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