सोशल मीडिया के दावों से अलग निकली सच्चाई, पुलिस की तत्परता से टला बड़ा विवाद…30 हजार के हर्जाने पर हुआ समझौता

राँची।राजधानी राँची के दशम फॉल थाना क्षेत्र में मंगलवार को सामने आए रोड रेज और कार का शीशा तोड़ने के मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने संभावित बड़े विवाद को समय रहते शांत करा दिया। शुरुआती दौर में सोशल मीडिया पर घटना को अलग-अलग दावों के साथ पेश किया गया, लेकिन जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार पुलिस ने सूचना मिलते ही तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, एक युवती ने दोपहर 12:33 बजे स्टेट कंट्रोल रूम में कॉल कर बताया कि उनकी कार का पीछा किया जा रहा है। इसके बाद 12:38 बजे सूचना जिला कंट्रोल रूम को भेजी गई और महज एक मिनट बाद, 12:39 बजे दशम फॉल थाना प्रभारी को कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए। सूचना मिलते ही पुलिसकर्मियों को तत्काल रवाना किया गया। पहले बाइक से एक जवान मौके पर पहुंचा और उसके कुछ ही देर बाद पीसीआर वाहन भी पहुंच गया। कुल मिलाकर सूचना मिलने के लगभग 10 मिनट के भीतर पुलिस घटनास्थल पर मौजूद थी।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि घटना के दौरान हाईवे पेट्रोलिंग व्यवस्था सक्रिय थी। रिकॉर्ड के अनुसार, दोपहर 12:18 बजे से 12:55 बजे तक हाईवे पेट्रोल वाहन लगातार दशम फॉल से बुंडू मार्ग पर गश्त कर रहा था। इससे उन दावों का भी खंडन हुआ, जिनमें कहा जा रहा था कि घटना के समय हाईवे पेट्रोलिंग नहीं थी।
दुर्घटना के बाद शुरू हुआ विवाद
पुलिस जांच के अनुसार, जमशेदपुर से हजारीबाग जा रही एक कार ने पांचा गांव के समीप आगे चल रही स्कॉर्पियो को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो सवार बातचीत के लिए वाहन रुकवाना चाहते थे, लेकिन कार चालक के आगे बढ़ने पर उन्होंने उसका पीछा किया। कुछ दूरी पर वाहन रुकने के बाद विवाद बढ़ गया और गुस्से में स्कॉर्पियो सवारों ने कार का शीशा तोड़ दिया। इसी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
पुलिस की मौजूदगी से टला बड़ा विवाद
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने तत्काल दोनों पक्षों को शांत कराया और हालात को बिगड़ने नहीं दिया। स्थानीय लोगों और प्रबुद्ध नागरिकों के सहयोग से दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई गई, जिसके बाद विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकल आया।
30 हजार रुपये हर्जाने पर बनी सहमति
आपसी बातचीत के बाद स्कॉर्पियो सवारों ने कार को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 30 हजार रुपये हर्जाने के रूप में दिए। वहीं, दोनों पक्षों ने लिखित समझौते के तहत पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराने पर सहमति जताई। राहत की बात यह रही कि पूरे घटनाक्रम में किसी भी व्यक्ति को शारीरिक चोट नहीं आई।
इस मामले में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया, सक्रिय पेट्रोलिंग और समय पर हस्तक्षेप के कारण संभावित बड़ा विवाद शांतिपूर्वक समाप्त हो गया। घटना यह भी दर्शाती है कि आपात सूचना मिलने पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई और स्थानीय स्तर पर संवाद से तनावपूर्ण परिस्थितियों को भी प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।
जाने समझौते की मुख्य शर्तें:
-प्रथम पक्ष ने लिखित निर्णय लिया कि वे इस दुर्घटना या तोड़फोड़ के संबंध में पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराएंगे।
-अपनी गलती और गुस्से में किए गए नुकसान को स्वीकार करते हुए द्वितीय पक्ष (स्कॉर्पियो सवार युवकों) ने क्षतिग्रस्त कार की मरम्मत के लिए मौके पर ही 30 हजार की नकद राशि हर्जाने के रूप में दी।
-इस पूरे विवाद, पीछा करने और झड़प के दौरान सबसे राहत की बात यह रही कि किसी भी पक्ष के किसी भी व्यक्ति को कोई शारीरिक चोट नहीं आई है। पुलिस और स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से यह मामला अब पूरी तरह शांत हो चुका है।

