चतरा:जमीन के एक टुकड़े के लिए भाई ने भाई को उतारा मौत के घाट, लाठियों से पीट-पीटकर कर दी निर्मम हत्या…

चतरा।झारखण्ड के चतरा जिले से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने भाई-भाई के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। हंटरगंज थाना क्षेत्र का डटमी गांव मंगलवार को उस वक्त दहल उठा, जब अपनों ने ही अपनों के खून से होली खेल ली।महज चंद कट्टा जमीन के लिए बड़े भाई ने अपने ही सगे छोटे भाई कैलाश यादव (50 वर्ष) की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी।
बंटवारे के बाद भी ‘जमीन की भूख’ ने बनाया हैवान
कहने को तो दोनों भाइयों के बीच जमीन का बंटवारा पहले ही हो चुका था। सब कुछ तय था। मंगलवार को छोटा भाई कैलाश यादव बेखौफ होकर अपने हिस्से के खेत को जोतने गया था। उसे अंदाजा भी नहीं था कि मौत साए की तरह उसके पीछे आ रही है।तभी अचानक, बड़ा भाई विलास यादव अपने बेटों और पूरे कुनबे के साथ लाठी-डंडों से लैस होकर यमदूत बनकर वहां आ धमका।
चीखता रहा छोटा भाई, बरसती रहीं लाठियां
खेत की मेड़ पर ही खूनी खेल शुरू हो गया। बड़े भाई विलास यादव, भतीजे कमलेश यादव और मिथिलेश यादव सहित घर की महिलाओं और नाबालिगों ने मिलकर कैलाश यादव को घेर लिया। कैलाश संभल पाता, उससे पहले ही उस पर लाठियों की अंधाधुंध बारिश कर दी गई। वह जान की भीख मांगता रहा, चिल्लाता रहा, लेकिन अपनों के दिल में बैठी हैवानियत को जरा भी तरस नहीं आया। कैलाश को तब तक बेरहमी से पीटा गया, जब तक कि उसकी सांसें हमेशा के लिए थम नहीं गईं।
मेरे पति को उन्होंने तड़पा-तड़पा कर मार डाला..
मृतक की पत्नी सरोज देवी के इन शब्दों ने पूरे गांव का कलेजा चीर दिया है। सरोज देवी ने अपने जेठ विलास यादव, भतीजे कमलेश, मिथिलेश और दो महिलाओं समेत दो नाबालिगों पर सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया है।
पुलिस की दबिश: कई आरोपी गिरफ्त में
वारदात की खबर मिलते ही हंटरगंज थाना पुलिस दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। चारों तरफ पसरे खून और चीख-पुकार के बीच पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस जघन्य हत्याकांड के कई आरोपियों को धर-दबोचा है। सलाखों के पीछे पहुंचे इन कातिलों से पूछताछ जारी है। लेकिन सवाल वही है क्या जमीन का एक टुकड़ा किसी की जिंदगी से भी ज्यादा कीमती हो सकता है?

