झारखण्ड सहित 16 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में SIR की घोषणा, चुनाव आयोग ने जारी किया कार्यक्रम,झारखण्ड में 20 जून से…
राँची।भारत के निर्वाचन आयोग ने देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है। इसके तहत झारखण्ड समेत 16 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण कराया जाएगा। झारखण्ड में यह प्रक्रिया 20 जून से शुरू होगी और 7 अक्तूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, झारखण्ड में 29 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इसके बाद पांच अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।दावे और आपत्तियां पांच अगस्त से चार सितंबर तक लिये जाएंगे।सभी दावों और आपत्तियों के निबटारे के बाद सात अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
36 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं तक पहुंचेगा अभियान
निर्वाचन आयोग के अनुसार एसआईआर फेज-III के दौरान देशभर में लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा।इसके लिए 3.94 लाख से अधिक बूथ लेवल ऑफिसर और 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) लगाए जाएंगे। राजनीतिक दलों को भी प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलए नियुक्त करने की अपील की गई है। ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।निर्वाचन आयोग ने कहा कि इस चरण में दिल्ली, ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखण्ड, नागालैंड, त्रिपुरा, दादर और नगर हवेली तथा दमन और दीव में एसआईआर होगा।

झारखण्ड में 2.64 करोड़ मतदाताओं का होगा सत्यापन
आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक झारखण्ड में कुल 2 करोड़ 64 लाख 89 हजार 777 मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा।इसके लिए राज्य में 29,571 बीएलओ तैनात किए जाएंगे,जबकि विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से 21,644 बीएलए लगाए जाएंगे। चुनाव आयोग का कहना है कि बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी की जांच करेंगे और आवश्यक सुधार दर्ज करेंगे।
30 जून से शुरू होगा घर-घर सत्यापन अभियान
झारखण्ड में एसआईआर कार्यक्रम के तहत तैयारी, प्रशिक्षण और प्रिंटिंग का कार्य 20 जून से 29 जून 2026 तक चलेगा।इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक BLO घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।इस दौरान मतदान केंद्रों का युक्तिकरण (रेशनलाइजेशन ऑफ पोलिंग स्टेशन) भी किया जाएगा।
अगस्त में प्रकाशित होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार झारखण्ड में 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया जाएगा। वहीं, दावे और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 3 अक्टूबर 2026 तक चलेगी।
7 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद 7 अक्टूबर 2026 को झारखण्ड की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।आयोग का कहना है कि इससे चुनावी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनेगी।
चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से मांगा सहयोग
निर्वाचन आयोग ने कहा कि एसआईआर एक सहभागी प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता, राजनीतिक दल और चुनाव अधिकारी सभी की अहम भूमिका होती है।आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से प्रत्येक बूथ पर बीएलए नियुक्त करने की अपील की है ताकि प्रक्रिया में पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित हो सके।आयोग ने यह भी कहा कि पहले दो चरणों में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 59 करोड़ मतदाताओं का पुनरीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बाद में होगा एसआईआर
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में फिलहाल एसआईआर कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है।इन क्षेत्रों में जनगणना के दूसरे चरण और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बाद में कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
झारखण्ड में एसआईआर का कार्यक्रम:
–तैयारी और प्रशिक्षण: 20 जून से 29 जून 2026
–घर-घर सत्यापन: 30 जून से 29 जुलाई 2026
–ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशन: 5 अगस्त 2026
–दावा और आपत्ति अवधि: 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026
–दावा-आपत्ति निपटारा: 3 अक्टूबर 2026 तक
–अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन: 7 अक्टूबर 2026
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी विशेष गहन पुनरीक्षण एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन किया जाता है।इसमें मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाने और पात्र नए मतदाताओं के नाम जोड़ने का कार्य किया जाता है। इससे चुनावी प्रक्रिया को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाने में मदद मिलती है।

