प्रिंस खान गिरोह की साजिश बेनकाब, रंगदारी नहीं देने पर रेस्टुरेंट में कराई गई थी फायरिंग… संयुक्त पुलिस कार्रवाई में बम, हथियार और कारतूस बरामद..पुलिस की प्राथमिकी में हुए है कई खुलासे….
राँची।राजधानी राँची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित चर्चित “द टिटोस रेस्टुरेंट” फायरिंग कांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में संगठित आपराधिक गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है,जबकि संयुक्त छापेमारी के दौरान पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ भी हुई, जिसमें दोनों ओर से फायरिंग हुई और कई अपराधी घायल हो गए।पुलिस के अनुसार,एयरपोर्ट थाना में दर्ज कांड संख्या 12/26 के अनुसंधान के क्रम में 14 मार्च की रात गुप्त सूचना मिली थी कि प्रिंस खान गिरोह का सक्रिय सदस्य कुबेर उर्फ मनीष सिंह उर्फ अमन सिंह राँची के लालपुर थाना क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना के सत्यापन के बाद 15 मार्च की देर रात करीब 12:15 बजे लालपुर थाना क्षेत्र के अन्नपूर्णा चौक से कुबेर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने टिटोस रेस्टुरेंट में हुई फायरिंग की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और कई चौंकाने वाले खुलासे किए। कुबेर ने बताया कि यह पूरी घटना प्रिंस खान, गोपी खान और सुजीत सिन्हा के निर्देश पर अंजाम दी गई थी। गिरोह के एक अन्य सक्रिय सदस्य अफजल अमन उर्फ विराट कोहली उर्फ बाबर ने शूटरों की व्यवस्था की थी। इसके बाद पुलिस टीम ने धनबाद जाकर अफजल अमन को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने भी अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
रंगदारी नहीं देने पर बनाई गई थी साजिश
जांच में सामने आया कि टिटोस रेस्टुरेंट संचालकों को प्रिंस खान गिरोह की ओर से रंगदारी की मांग की गई थी। जब पैसे नहीं दिए गए, तो इलाके में दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग की साजिश रची गई। पहली बार 1 मार्च को रेस्टुरेंट पर हमला करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन होली के कारण रेस्टुरेंट बंद रहने से घटना को अंजाम नहीं दिया जा सका। इसके बाद 7 मार्च को दोबारा योजना बनाकर बाइक के जरिए शूटरों को भेजा गया, जिन्होंने रेस्टुरेंट में फायरिंग की। इस घटना में एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई थी।
कैसे रची गई पूरी साजिश
-रंगदारी नहीं देने पर बनाया गया टारगेट
-1 मार्च को पहली कोशिश, होली के कारण नाकाम
-7 मार्च को दो बाइक से पहुंचे शूटर
-4 अपराधियों ने की अंधाधुंध फायरिंग
-घटना में एक व्यक्ति की मौत
संयुक्त टीम की छापेमारी और मुठभेड़
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्य धनबाद के बोर्रागढ़-भागाबांध इलाके में हथियार और बम के साथ छिपे हुए हैं। इसके बाद एसएसपी राकेश रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार ने राँची और धनबाद पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर 16 मार्च की सुबह छापेमारी की गई। पुलिस जैसे ही बताए गए ठिकाने पर पहुंची, वहां छिपे अपराधियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में नियंत्रित फायरिंग की। मुठभेड़ के दौरान कुबेर उर्फ अमन सिंह और विक्की डोम को गोली लगी, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। जबकि अन्य अपराधी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए।
जानिए क्या हुआ मुठभेड़ में पुलिस के साथ
-अपराधियों ने पहले की फायरिंग
-पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई
-2 अपराधी घायल
-4 आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार
-पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त
बैंकमोड़ से शुरू हुआ ऑपरेशन सफाया:
पुलिस अधिकारियों के आदेश पर रांची पुलिस की टीम धनबाद पहुंचीं और बैंकमोड़ थाना में अफजल अमन से पूछताछ की।दोनों अपराधियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने ही प्रिंस खान और गोपी खान के इशारे पर टिटोस रेस्टोरेंट में रंगदारी न मिलने पर फायरिंग करवाई थी. पूछताछ में यह भी पता चला कि गैंग के कुछ अन्य सदस्य भारी मात्रा में बम और हथियारों के साथ भागाबांध इलाके में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए छिपे हैं।
अपराधी कुबेर और अफजल ने चिल्लाकर अपने साथियों के कराया पुलिस के ऊपर फायरिंग
सोमवार की सुबह करीब 04:35 बजे जब राँची और धनबाद पुलिस की संयुक्त टीम घेराबंदी करने पहुंची, तो गिरफ्तार अपराधी कुबेर और अफजल ने चिल्लाकर अपने साथियों को सतर्क कर दिया।इसके बाद अपराधियों ने पुलिस को लक्ष्य कर 10-12 राउंड फायरिंग की. अपराधियों की गोली पुलिस के सरकारी वाहन (JH01Y-9682) पर लगी।जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षार्थ कुल छह राउंड गोलियां चलाईं. जवाबी कार्रवाई में अपराधी कुबेर उर्फ मनीष और विक्की डोम के पैरों में गोली लगी।
मौके से हथियार, कारतूस और बम बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान घटनास्थल से पिस्टल, मैगजीन, जिंदा कारतूस, खोखा और खून के नमूने समेत कई वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए। इसके अलावा बीडीडीएस टीम ने मौके से पांच सुतली बम बरामद कर उन्हें निष्क्रिय किया। एफएसएल टीम ने मौके से कुल 18 तरह के भौतिक साक्ष्य एकत्र किए, जिनमें कारतूस के खोखे, जिंदा राउंड, खून के नमूने और हथियार शामिल हैं।
पुलिस ने ये किया बरामद
-पिस्टल और मैगजीन
-7.65 एमएम के कारतूस
-फायर किए गए खोखे
-खून के नमूने
-5 सुतली बम (डिफ्यूज)
पहले भी कर चुके हैं वारदात
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि इसी गिरोह ने 20 फरवरी 2026 को धनबाद के बैंकमोड़ थाना क्षेत्र में एक अन्य फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था। गिरोह के सदस्य व्यवसायियों और ठेकेदारों से रंगदारी वसूलने, शूटर उपलब्ध कराने और हमलों की साजिश रचने में सक्रिय रूप से शामिल थे।
10 नामजद आरोपी, कई फरार
पुलिस ने इस मामले में प्रिंस खान, गोपी खान, सुजीत सिन्हा सहित कुल 10 अपराधियों को नामजद किया है। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्रमुख आरोपी
प्रिंस खान, गोपी खान, सुजीत सिन्हा, कुबेर उर्फ अमन सिंह, विक्की डोम, अफजल अमन, पप्पु पासवान, सदाब कुरैसी, जावेद खान,आयुष सिंह अन्य शामिल है।वहीं कारोबारियों का नम्बर उपलब्ध कराने वाले दो और हैंडलर की तलाश जारी है।पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई से राँची और धनबाद में सक्रिय संगठित अपराध गिरोह के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
इस पूरी कार्रवाई में राँची के एयरपोर्ट थाना प्रभारी,नामकुम थाना प्रभारी, अरगोड़ा थाना प्रभारी, तुपुदाना ओपी प्रभारी,राँची एसएसपी के स्पेशल टीम और धनबाद पुलिस की टीम की सहरानीय कार्य रहा है।

