हजारीबाग:जेल की गोपनीयता भंग करने,कार्य में लापरवाही बरतने एवं कर्तव्यहीनता के आरोप में एक कारापाल व छह सुरक्षाकर्मी निलंबित

 

हजारीबाग।हजारीबाग जेपी केंद्रीय कारा के एक कारापाल सहित छह सुरक्षाकर्मियों को जिला प्रशासन ने मंगलवार को निलंबित कर दिया।निलंबित कर्मियों में कारापाल दिनेश वर्मा और पांच हवलदार शामिल हैं। इसके अलावे जेल के छह सुरक्षाकर्मियों का अनुबंध रद्द कर दिया गया है।मिली अनुसार सुरक्षाकर्मियों को जेल की गोपनीयता भंग करने, कार्य में लापरवाही बरतने एवं कर्तव्यहीनता के आरोप में निलंबित किया गया है।जिला व जेल प्रशासन की इस कार्रवाई से जेपी केंद्रीय कारा में हड़कंप मच गया है।जेल के अंदर सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गयी है।

इधर, हजारीबाग पुलिस ने जेपी कारा के निलंबित सिपाही अशोक शर्मा को हिरासत में लिया है।उसे गुप्त स्थान पर रखकर पूछताछ की जा रही है। मामला भूमि घोटाला के आरोप में जेल भेजे गये नेक्सजेन के मालिक विनय कुमार सिंह को सुविधा मुहैया कराने की पैरवी करने, जेल में बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने की कोशिश करने के अलावा कारा प्रशासन पर लगातार दबाव बनाने से जुड़ा से हुआ है।हालांकि पुलिस अशोक शर्मा को हिरासत में लिये जाने की पुष्टि नहीं कर रही है।

जानकारी के मुताबिक अशोक शर्मा को उसके बिहार के जहानाबाद के ओकरी स्थित पैतृक आवास से मंगलवार को हिरासत में लिया गया है।इसके पूर्व छह अक्तूबर की देर रात हजारीबाग पुलिस की टीम शहर के दीपूगढ़ा स्थित अशोक शर्मा के वर्तमान आवास पर भी गयी थी, जहां वह नहीं मिला।लौटने के दौरान पुलिस ने अशोक शर्मा के बेटे को सफारी वाहन से शहर की ओर आते देखा, पुलिस ने जब उसका पीछा किया, तो वह झील के पास वाहन को खड़ा कर फरार हो गया।पुलिस ने उक्त वाहन को कब्जे में ले लिया है। इसी दौरान मिली सूचना के आधार पर हजारीबाग और जहानाबाद की पुलिस ने को-आर्डिनेशन बनाकर अशोक शर्मा को हिरासत में लिया है। बताया गया कि जेल में अपना प्रभाव कायम रखते हुए अशोक शर्मा ने कुछ कर्मियों को अपने पक्ष में कर रखा था।अशोक शर्मा जेपी कारा में बतौर सिपाही पदस्थापित था।हजारीबाग के युवा अधिवक्ता प्रशांत सहाय की हत्या मामले में इसे निलंबित किया गया था।अब वह सेवानिवृत्त भी हो चुका है।

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