राँची रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन से गिरने वाली महिला की आरपीएफ जवान ने बचाई जान..
राँची।राँची रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की सक्रियता के कारण एक महिला यात्री की जान बच गई।ट्रेन संख्या 18640 (राँची–आरा एक्सप्रेस) के खुलने के कुछ ही क्षण बाद यह हादसा हुआ।मिली जानकारी के अनुसार, जैसे ही ट्रेन ने राँची स्टेशन से प्रस्थान किया, एक महिला यात्री ने चलती ट्रेन से उतरने का प्रयास किया। अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच की खाई में जा गिरी। उसी वक्त ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक सूरज पांडे ने बिना किसी देर किए मौके पर दौड़ लगाई और अपनी जान जोखिम में डालते हुए महिला को खींचकर बाहर निकाला।उनकी इस सूझबूझ और बहादुरी से महिला की जान बच गई।
घटना के बाद महिला को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।पूछताछ में महिला ने अपना नाम सुष्मिता देवी (उम्र 40 वर्ष), पति सुभाष राय, निवासी ग्राम बरूणा, थाना बिक्रमगंज, जिला रोहतास (बिहार) बताया है। उसने कहा कि वह अपने परिवार के साथ राँची से बिक्रमगंज जा रही थी और ट्रेन के सामान्य डिब्बे में सवार थी।यात्रा के दौरान उसने अचानक अपनी बेटी को नजरों से ओझल होते देखा, जिससे घबराहट में उन्होंने चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश की और यह हादसा हो गया।
महिला को सुरक्षित निकालने के दौरान उपनिरीक्षक सूरज पांडे के बाएं पैर में हल्की चोट लग गई। उन्हें तत्काल राज हॉस्पिटल, राँची में उपचार के लिए भेजा गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई गई।
कमांडेंट पवन कुमार ने उपनिरीक्षक सूरज पांडे की तत्परता और साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि आरपीएफ का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा और विश्वास को मजबूत करना है। उपनिरीक्षक सूरज पांडे ने जो कार्य किया, वह पूरे बल के लिए गर्व की बात है।उनकी बहादुरी से एक निर्दोष यात्री की जान बची है और यही ‘ऑपरेशन जीवन रक्षक’ का असली उद्देश्य है।
घटना के बाद यात्रियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने भी सूरज पांडे की प्रशंसा की। मौजूद कई यात्रियों ने बताया कि यदि आरपीएफ कर्मी समय पर न पहुंचते तो एक बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। महिला और उनके परिवार ने भी आरपीएफ का आभार जताया और कहा कि उनकी सूझबूझ के कारण ही आज वे सुरक्षित हैं।

