वायरल वीडियो से गरमाया धनबाद का सियासी माहौल, जयराम महतो पर पुलिस अधिकारी से कथित अभद्रता का केस

धनबाद।झारखण्ड के डुमरी विधायक जयराम महतो एक वायरल वीडियो को लेकर विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित वीडियो में विधायक की बरवाअड्डा थाना प्रभारी के साथ व्हाट्सऐप कॉल पर बातचीत दिखाई दे रही है। बातचीत के दौरान विधायक पर पुलिस अधिकारी के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है। वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया और पुलिस ने विधायक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
बताया जा रहा है कि पूरा विवाद बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में हाल में हुए घटनाक्रम से जुड़ा है। वायरल वीडियो में बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होती नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
मामले ने उस समय और राजनीतिक रंग ले लिया, जब वायरल वीडियो को लेकर पुलिस स्तर पर कार्रवाई की गई। विधायक जयराम महतो के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद अब यह मामला कानूनी जांच के दायरे में आ गया है। पुलिस वायरल वीडियो और बातचीत से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है।
गौरतलब है कि बरवाअड्डा थाना परिसर में विधायक जयराम महतो और मुखिया समर्थकों के बीच विवाद की खबर भी सामने आई थी। इस घटनाक्रम के बाद से ही मामला चर्चा में है और अब वायरल कॉल वीडियो ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है।
फिलहाल वायरल वीडियो की सत्यता और बातचीत के पूरे संदर्भ की जांच पुलिस के स्तर से की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्ष के आधार पर होने की बात कही जा रही है।
थानेदार से कथित गाली-गलौज के ऑडियो पर घिरे जयराम महतो, पुलिस मेंस एसोसिएशन ने दी काम बंद करने की चेतावनी
जेएलकेएम प्रमुख और डुमरी विधायक जयराम महतो एक कथित वायरल ऑडियो को लेकर विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो में विधायक की बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार से फोन पर तीखी बातचीत सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि बातचीत के दौरान विधायक ने थाना प्रभारी के साथ गाली-गलौज की और उन्हें वर्दी उतरवाने तथा सरकार बदलने के बाद देख लेने की धमकी दी। हालांकि वायरल ऑडियो-वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मामला सामने आने के बाद बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार ने विधायक जयराम महतो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है। बताया गया है कि इसी थाने में विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ पहले से दर्ज मामले में ही कथित फोन पर गाली-गलौज से जुड़े आरोप को जोड़ा गया है। इस मामले में पहले से 50 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
थाना प्रभारी की शिकायत के अनुसार, 22 अगस्त की रात करीब 8:09 बजे वह थाने में सरकारी काम कर रहे थे। इसी दौरान विधायक जयराम महतो का व्हाट्सऐप कॉल आया। आरोप है कि विधायक ने अपने समर्थक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और उसकी गिरफ्तारी को लेकर नाराजगी जतायी।
शिकायत के मुताबिक, थाना प्रभारी जब मामले की जानकारी देने का प्रयास कर रहे थे, तभी बातचीत कथित तौर पर तीखी हो गयी और विधायक ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विधायक ने वर्दी उतरवाने, सरकार बदलने के बाद देख लेने और ऑफ ड्यूटी मिलने पर कार्रवाई करने जैसी बातें कहीं।
कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। बताया जा रहा है कि यह व्हाट्सऐप कॉल की रिकॉर्डिंग है, जिसे दूसरे मोबाइल से रिकॉर्ड किया गया। हालांकि ऑडियो की सत्यता और उसमें मौजूद आवाज की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद धनबाद पुलिस में नाराजगी बढ़ गयी है। धनबाद पुलिस मेंस एसोसिएशन ने बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि पुलिस अधिकारी के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो पुलिसकर्मी काम करने से इनकार कर सकते हैं।
एसोसिएशन का कहना है कि पुलिसकर्मी जनप्रतिनिधियों को सुरक्षा देने के लिए ड्यूटी करते हैं, लेकिन जब वे किसी गलत काम का समर्थन नहीं करते हैं तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। इस घटना को लेकर पुलिस महकमे में खासा आक्रोश बताया जा रहा है।
थाना प्रभारी की ओर से दर्ज प्राथमिकी में जयराम महतो के अलावा सुशील मंडल, दिलीप चौधरी, राजकुमार मंडल, जीतेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक कुमार महतो, रंजीत कुमार साव, राजेश महतो, महेंद्र साव और त्रिपुरी पांडेय को नामजद किया गया है। इसके अलावा करीब 50 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
पूरा विवाद बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के कथित फर्जी पैड, मुहर और हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र तैयार करने के आरोप में जेएलकेएम नेता गणेश दास को हिरासत में लिये जाने के बाद शुरू हुआ।गणेश दास को हिरासत में लिये जाने के बाद शुक्रवार रात बरवाअड्डा थाना परिसर में विधायक जयराम महतो और उनके समर्थक पहुंचे। इसी दौरान पुलिस और विधायक समर्थकों के बीच विवाद बढ़ गया और झड़प की स्थिति बन गयी। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग शिकायतें पुलिस को दी गयीं।
मुखिया के बेटे ने विधायक पर लगाया गंभीर आरोप
मुखिया के बेटे प्रदीप कुमार रजक की शिकायत पर भी प्राथमिकी दर्ज की गयी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि 21 अगस्त की रात वह अपने पिता से मिलने बरवाअड्डा थाना पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद जयराम महतो ने कथित तौर पर उनके साथ जातिसूचक टिप्पणी की और गला दबाने का प्रयास किया।
प्रदीप रजक ने विधायक के समर्थकों पर मारपीट करने का भी आरोप लगाया है। इस शिकायत के बाद मामले में विधायक पक्ष के खिलाफ भी पुलिस जांच कर रही है।
वहीं, विधायक जयराम महतो ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वह जेएलकेएम नेता गणेश दास के साथ कथित पुलिसिया बर्बरता की जानकारी लेने के लिए बरवाअड्डा थाना पहुंचे थे। विधायक ने दावा किया कि थाना परिसर में उन्हें घेर लिया गया और उनके साथ जान से मारने की कोशिश की गयी।
जयराम महतो ने पूरे मामले को साजिश करार देते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि घटना के समय थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मौके पर मौजूद पत्रकारों के बनाए वीडियो से पूरी सच्चाई सामने आ सकती है।
जयराम महतो की ओर से भी बरवाअड्डा थाने में आवेदन देकर कई लोगों के खिलाफ शिकायत दी गयी है। विधायक का आरोप है कि थाने में मौजूद प्रदीप रजक, तारकेश्वर रजक, दिनेश रजक समेत अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की और गला दबाने का प्रयास किया।विधायक ने अपने समर्थक सुशील मंडल के साथ मारपीट करने तथा सोने की चेन और नकदी छीनने का भी आरोप लगाया है। इस तरह बरवाअड्डा थाना विवाद में अब दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
फिलहाल वायरल ऑडियो, थाना परिसर में हुए विवाद, दोनों पक्षों की शिकायतों और दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्डिंग और मौके पर मौजूद लोगों के बयान अहम माने जा रहे हैं। मामले ने पुलिस और जनप्रतिनिधि के बीच टकराव को लेकर धनबाद में नया विवाद खड़ा कर दिया है।

