पाकुड़ में इंसानियत शर्मसार: 4 साल की मासूम से गलत हरकत,10 और 12 साल के दो बाल आरोपी पकड़ा गया…

पाकुड़।झारखण्ड के पाकुड़ जिले के मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने समाज और बाल-मनोविज्ञान दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां घर के बाहर खेल रही महज 4 वर्ष की एक मासूम बच्ची के साथ दो नाबालिग लड़कों ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। घटना के सामने आते ही इलाके में सन्नाटा और गहरा आक्रोश व्याप्त है।
खेलने निकली थी मासूम, रोते हुए सुनाई आपबीती
पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उनकी चार वर्षीय बेटी रोजाना की तरह घर के बाहर खेलने गई थी। इसी दौरान गांव के ही दो नाबालिग लड़कों जिनकी उम्र महज 12 वर्ष और उससे नीचे है।दोनों ने बच्ची को पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। काफी देर बाद जब बच्ची रोती-बिलखती घर पहुंची, तो उसकी हालत देख परिजन सन्न रह गए। पूछने पर सहमी हुई मासूम ने अपनी मां को पूरी आपबीती सुनाई, जिसके तुरंत बाद परिजनों ने मालपहाड़ी ओपी पुलिस को सूचित किया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मेडिकल जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और त्वरित छापेमारी कर दोनों नाबालिग आरोपियों को अभिरक्षा (निरोध) में ले लिया। पीड़िता को तुरंत मेडिकल जांच और आवश्यक चिकित्सीय देखभाल के लिए अस्पताल भेजा गया ह
किशोर न्याय बोर्ड (JJB) के समक्ष प्रस्तुति: चूंकि दोनों आरोपी नाबालिग (9 और 12 वर्ष) हैं, इसलिए उन्हें सामान्य पुलिस स्टेशन की हिरासत या वयस्क जेल में नहीं रखा जा सकता। उन्हें किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश कर बाल सुधार गृह भेजा जाएगा।
उम्र के अनुसार कानूनी प्रावधान: किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम के तहत 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर वयस्कों की तरह मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। 9 और 12 वर्ष की आयु के कारण इन बच्चों को ‘कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चे’ माना जाएगा, जिन्हें दंडात्मक कार्रवाई के बजाय सुधारात्मक माहौल और काउंसलिंग दी जाती है
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि यह इस बात की ओर भी ध्यान खींचती है कि इतने कम उम्र के बच्चों में ऐसी विकृत मानसिकता का आना समाज और अभिभावकों के लिए एक बड़ा चिंता का विषय है।

