खेलने निकला मासूम चार घंटे तक रहा लापता, अर्धनिर्मित मकान की छत पर बेहोश मिला

राँची।नामकुम थाना क्षेत्र के केतारी बागान में बुधवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब घर से खेलने निकला छह वर्षीय कृष्णा रजक अचानक लापता हो गया। करीब चार घंटे तक परिजन बच्चे को इधर-उधर तलाशते रहे। पुलिस को सूचना देने के बाद खोजबीन तेज हुई तो बच्चा पास के एक अर्धनिर्मित मकान की छत पर बालू के ढेर के बीच बेहोशी की हालत में मिला।
जानकारी के अनुसार केतारी बागान रोड नंबर-3 निवासी सूरज कुमार रजक का छह वर्षीय बेटा कृष्णा बुधवार दोपहर करीब दो बजे घर से खेलने के लिए निकला था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने आसपास उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और पड़ोस में खोजबीन के बावजूद जब बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला तो परिजन नामकुम थाना पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भी तत्काल खोजबीन शुरू कर दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, लेकिन बच्चे के कहीं जाते हुए दिखाई नहीं देने से पुलिस और परिजनों की चिंता और बढ़ गई। इसके बाद आसपास बन रहे और अर्धनिर्मित मकानों की जांच शुरू की गई।
इसी दौरान पास के एक अर्धनिर्मित मकान की छत पर बालू के बीच बच्चा बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। बच्चे के मिलते ही परिजन उसे आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे। इलाज के बाद उसकी हालत सामान्य बताई गई और रात में डॉक्टरों ने उसे घर भेज दिया।
करंट लगने की आशंका, शरीर पर झुलसने के निशान
नामकुम थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रामनारायण सिंह ने बताया कि बच्चा अर्धनिर्मित मकान की छत से बरामद हुआ है। आशंका है कि छत से गुजर रहे बिजली के तार के संपर्क में आने से उसे करंट लगा होगा, जिसके बाद वह बेहोश हो गया।
बच्चे के पिता सूरज कुमार रजक ने बताया कि मकान की छत के ऊपर से करीब 11 हजार वोल्ट का बिजली तार गुजर रहा है। उनके अनुसार तार में करंट नहीं था और बिजली काटी गई थी। इसके बावजूद बच्चे को बिजली का झटका कैसे लगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण बच्चा पूरी तरह भीगा हुआ था और बिजली के झटके से उसके शरीर के कुछ हिस्सों पर झुलसने के निशान भी हैं।
फिलहाल बच्चा खतरे से बाहर है। वहीं, परिजन अब इस बात को लेकर परेशान हैं कि आखिर छह साल का बच्चा घर से निकलकर अर्धनिर्मित मकान की छत तक कैसे पहुंचा। पुलिस भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।

