सरायकेला में डकैती का सनसनीखेज खुलासा: घर-घर पार्सल पहुंचाने वाला निकला साजिशकर्ता, जेल में रची थी लूट की पटकथा; 24 लाख के जेवर बरामद

 

सरायकेला। जिस घर तक पार्सल पहुंचाने वाला डिलीवरी ब्वॉय रोज आता-जाता था, उसी ने घर की रेकी कर डकैतों के लिए रास्ता खोल दिया। सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल में पूर्व आभूषण व्यवसायी उमंग चौधरी के घर हुई सनसनीखेज डकैती का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसकी कड़ियां जेल से जुड़ी हैं। पुलिस जांच के अनुसार, घर की भौगोलिक स्थिति और अंदर रखे कीमती सामान की जानकारी रखने वाले स्थानीय डिलीवरी कर्मी ने कथित तौर पर बाहरी डकैतों को वारदात के लिए बुलाया था। लूटे गए आभूषणों को खरीदने के आरोप में धनबाद के एक स्वर्णकार को भी गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर करीब 24 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान बरामद किए हैं। वहीं, इस डकैती में शामिल पांच अन्य आरोपियों को पुलिस पहले ही हजारीबाग जिले के चौपारण में एक दूसरे मामले में गिरफ्तार कर चुकी है।

जेल में हुई पहचान, बाहर निकलकर बनाई डकैती की योजना
पुलिस के अनुसार, 9 और 10 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि चांडिल बस स्टैंड के पास स्थित उमंग चौधरी के आवास में हथियारबंद अपराधी घुस आए थे। अपराधियों ने परिवार के सदस्यों को हथियारों का भय दिखाकर बंधक बना लिया और घर से सोने-चांदी के आभूषण, नकदी तथा अन्य कीमती सामान लूटकर फरार हो गए थे। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चांडिल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई तो स्थानीय डिलीवरी कर्मी राहुल कुमार महतो की भूमिका सामने आई।पुलिस ने राहुल कुमार महतो, पिता मंटू महतो, निवासी सुकसारी, थाना चांडिल को गिरफ्तार किया। उसकी उम्र 27 वर्ष बताई गई है। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि वर्ष 2022-23 में जमशेदपुर की घाघीडीह जेल में बंद रहने के दौरान उसकी पहचान मोहिउद्दीन अंसारी और सोबराती अंसारी से हुई थी। पुलिस के मुताबिक, इसी संपर्क का इस्तेमाल कर उसने उमंग चौधरी के घर को निशाना बनाने की योजना तैयार की और डकैतों को घर की जानकारी दी।

इस खुलासे ने मामले को और गंभीर बना दिया है। जिस व्यक्ति का काम लोगों के घरों तक पार्सल पहुंचाना था, उसी पर घर की जानकारी अपराधियों तक पहुंचाने का आरोप है। हालांकि, मामले में सभी आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

धनबाद से पकड़ा गया लूटे गए जेवरात का कथित खरीदार
जांच के दौरान पुलिस ने लूटे गए आभूषणों को खरीदने के आरोप में धनबाद जिले के बरोरा थाना क्षेत्र के हरिना निवासी 57 वर्षीय त्रिवेणी प्रसाद स्वर्णकार को भी गिरफ्तार किया। उसके पिता का नाम लखन लाल स्वर्णकार बताया गया है।पुलिस के अनुसार, त्रिवेणी प्रसाद की निशानदेही पर धनबाद के बरोरा क्षेत्र से लूटे गए सामान की बरामदगी की गई। बरामद आभूषणों का अनुमानित मूल्य करीब 24 लाख रुपये आंका गया है। पुलिस अब बरामद सामान के साथ-साथ डकैती की पूरी साजिश और अपराधियों के आपसी संपर्कों की कड़ियों की जांच कर रही है। 32 ब्रिटिशकालीन सिक्के और पांच किलो से अधिक चांदी बरामद
पुलिस की कार्रवाई में बरामद सामान की सूची भी चौंकाने वाली है। इसमें गलाया हुआ सोना-चांदी और ऐतिहासिक सिक्के शामिल हैं।

बरामदगी का विवरण इस प्रकार है—
गलाया हुआ चांदी: 5,142 ग्राम
गलाया हुआ सोना: 80 ग्राम
ब्रिटिशकालीन चांदी के सिक्के: 32 पीस
पीपल के पत्ते के आकार के चांदी के स्वास्तिक: 2 पीस
ब्रेसलेट में जड़े हीरे जैसे छोटे पत्थर: 11 पीस
मोबाइल फोन: 2
वारदात में इस्तेमाल की गई हीरो होंडा मोटरसाइकिल: 1
पुलिस के अनुसार, बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत लगभग 24 लाख रुपये है। गलाए गए सोने-चांदी की बरामदगी से लूटे गए आभूषणों के निपटारे की कड़ी तक पहुंचने में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

पांच डकैत पहले ही गिरफ्तार, जांच में सामने आए नाम
पुलिस के मुताबिक, इस डकैती में शामिल पांच आरोपी हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र में दर्ज एक अन्य मामले में पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। उन आरोपियों के नाम हैं—
मोहिउद्दीन अंसारी
गुलजार अंसारी
सद्दाम अंसारी
सोबराती अंसारी
शेख जमील
इन आरोपियों को चौपारण थाना कांड संख्या 252/2026 में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। पुलिस की जांच में इनकी कथित संलिप्तता चांडिल डकैती कांड में भी सामने आई है।

चांडिल डकैती मामले में अब तक सामने आए नामों में स्थानीय स्तर पर कथित तौर पर रेकी करने वाला राहुल कुमार महतो, लूटे गए आभूषण खरीदने के आरोप में गिरफ्तार त्रिवेणी प्रसाद स्वर्णकार और पहले से गिरफ्तार पांच कथित डकैत शामिल हैं। इस तरह मामले से जुड़े कुल सात लोगों के नाम सामने आए हैं, हालांकि सभी की भूमिका और कानूनी स्थिति अलग-अलग है।
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