अपहृत युवा उद्यमी कैरव गांधी सकुशल बरामद..जमशेदपुर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी…
जमशेदपुर।झारखण्ड के जमशेदपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। दो सप्ताह पहले अपहृत किए गए शहर के चर्चित युवा उद्यमी कैरव गांधी को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद शहर में राहत और खुशी का माहौल है। कैरव के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने पुलिस प्रशासन का आभार जताया, वहीं आम लोगों ने भी पुलिस की तत्परता और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की है।बताया जा रहा है कि कैरव गांधी की बरामदगी हजारीबाग इलाके से की गई है। पुलिस उन्हें लेकर जमशेदपुर लौट चुकी है और परिजनों को सौंप दिया गया है।पुलिस की भारी सुरक्षा के बीच कैरव की घर वापसी हुई, जहां उनके पिता देवांग गांधी और अन्य परिजनों ने उन्हें गले लगा लिया। हालांकि,इस मामले में पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।जानकारी के अनुसार, कैरव गांधी का अपहरण 13 जनवरी को कर लिया गया था। घटना के बाद से ही परिवार में चिंता का माहौल था। कैरव के पिता देवांग गांधी, जो जमशेदपुर–सरायकेला क्षेत्र के जाने-माने बड़े उद्योगपति हैं, ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस से त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की मांग की थी।अपहरण की सूचना मिलते ही जिले के एसएसपी ने मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया। एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी साक्ष्यों, गुप्त सूचना तंत्र और लगातार छापेमारी के जरिए अपहरणकर्ताओं की गतिविधियों पर नजर रखी। पुलिस टीम ने दिन-रात मेहनत कर मामले की अहम कड़ियों को जोड़ा।पुलिस की सटीक रणनीति और योजनाबद्ध कार्रवाई का नतीजा यह रहा कि कैरव गांधी को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बरामद कर लिया गया। बरामदगी के दौरान पूरी सावधानी बरती गई, ताकि अपहृत युवक को किसी प्रकार की शारीरिक या मानसिक क्षति न पहुंचे।कैरव गांधी की सकुशल वापसी के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। परिजनों ने एसएसपी सहित पूरी पुलिस टीम को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस की तत्परता और समर्पण के कारण यह संभव हो पाया। वहीं, शहर के व्यापारिक और सामाजिक संगठनों ने भी इस सफलता को कानून-व्यवस्था के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि बताया है।फिलहाल पुलिस कि ओर से आधिकारिक बयान आना बांकी है।
गौरतलब है कि जमशेदपुर के सीएच एरिया एसएसपी के अपने घर के पड़ोस में रहने वाले कारोबारी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी का अपहरण हो गया था। 13 जानवरी से वह अपहृत था।अब जाकर वह अपहरण मुक्त हुआ है।बताया जाता है कि अपहरणकर्ताओ ने 5 करोड़ फिर 10 करोड़ की फिरौती मांगी थी।
इधर,जमशेदपुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बिहार का एक बड़ा किडनैपिंग गिरोह इस वारदात के पीछे शामिल था।इस किडनैप मामले में बिहार का एक बड़ा गिरोह शामिल था, जिसे लेकर पुलिस द्वारा छापेमारी की जा रही है। जमशेदपुर के सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि कैरव गांधी को सकुशल बरामद कर लिया गया है।आपराधिक गैंग पर आगे की कारवाई की जा रही है।पूरे मामले की जानकारी कार्रवाई के बाद दी जायेगी।फिलहाल कैरव सकुशल बरामद हो गया है।जानकारी आ रही है कि कारोबारी कैरव गांधी को किडनैपर्स हर दिन एक जगह से दूसरे जगह शिफ्ट कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को यह इनपुट मिला कि हजारीबाग के चौपारण के आसपास बिहार वाले इलाके से कारोबारी को एक बार फिर शिफ्ट किया जा रहा है।इसी सूचना पर पुलिस की कई टीमों ने एक साथ दबिश बनाई। इस दौरान अपराधी कैरव को कार में ही छोड़कर फरार हो गए। जिसके बाद कैरव गांधी को सकुशल बरामद कर लिया गया और जमशेदपुर पुलिस ने उन्हें सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया।
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