मैं नहीं मारती तो वो मुझे मार देता…पति को रास्ते से हटाने पत्नी ने रची खौफनाक साजिश; प्रेमिका बनकर जंगल बुलाया, 10 लाख की सुपारी देकर गला दबाकर हत्या, 7 गिरफ्तार

पलामू।झारखण्ड के पलामू जिला में पाटन थाना क्षेत्र के बंजारी गांव निवासी पंकज उरांव हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस जांच में हत्या के पीछे जो कहानी सामने आई, उसमें मृतक की पत्नी ही साजिश के केंद्र में बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, पति की कथित प्रताड़ना से परेशान अनीमा कुमारी ने अपने पिता रामजन्म उरांव के साथ मिलकर पंकज की हत्या की साजिश रची और उसे रास्ते से हटाने के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी दी गई।

पुलिस के मुताबिक, पंकज को पहले एक महिला ने काजल बनकर फोन किया और प्रेम के जाल में फंसाकर मिलने के लिए बुलाया। पंकज जब बाइक से मिलने पहुंचा, तो उसे एकता जंगल ले जाया गया। वहां पहले से हत्या की साजिश में शामिल लोग मौजूद थे। आरोप है कि जंगल में पंकज की गला दबाकर हत्या कर दी गई और शव को वहीं छोड़ दिया गया।इस मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी, उसके पिता, सुपारी लेने वाली महिला समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

“नहीं मारती तो वो मुझे मार देता…”

पुलिस पूछताछ में अनीमा ने कथित तौर पर अपने पति की हत्या की वजह पति से होने वाली प्रताड़ना को बताया। उसका कहना था कि वह पति के व्यवहार से परेशान थी और पति उसे जान से मारने की धमकी देता था। अनीमा के अनुसार, “अगर मैं उसे नहीं मारती तो वह मुझे मार देता।” अनीमा और पंकज की शादी वर्ष 2023 में हुई थी। पुलिस के अनुसार, जुलाई में पंकज के काम के सिलसिले में बाहर जाने के बाद अनीमा अपने मायके चली गई थी। वहां उसने अपने पिता रामजन्म उरांव से पति को लेकर शिकायत की। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर पंकज को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

जमीन के मुआवजे के 50 लाख मिले, हत्या के लिए दिए 10 लाख

पुलिस के अनुसार, अनीमा के पिता रामजन्म उरांव चियांकी के रहने वाले हैं। उन्हें नेशनल हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण के बदले 50 लाख रुपये का मुआवजा मिला था।इसी रकम में से कथित तौर पर 10 लाख रुपये हत्या की सुपारी के लिए दिए गए। पुलिस के मुताबिक, यह रकम सतबरवा के खामडीह निवासी तेतरी देवी और उसके पति पिंटू कुमार को दी गई थी।

तेतरी देवी के झाड़-फूंक करने के कारण अनीमा की उससे पहचान थी। पुलिस के अनुसार, सुपारी की रकम मिलने के बाद तेतरी देवी ने हत्या की साजिश में अपने साथ रहने वाली रिंकी देवी, पाटन के किसैनी निवासी जितेंद्र उरांव और लेस्लीगंज के एकता निवासी दिलीश्वर सिंह को शामिल किया।

‘काजल’ बनकर किया फोन, प्यार के जाल में फंसाया

हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए सीधे पंकज तक पहुंचने के बजाय कथित तौर पर एक अलग तरीका अपनाया गया। पुलिस के अनुसार, पंकज के बाहर से काम करके वापस लौटने के बाद तेतरी देवी और रिंकी देवी ने ‘काजल’ नाम से उसे फोन करना शुरू किया।फोन पर बातचीत के जरिए पंकज को कथित तौर पर प्रेम के जाल में फंसाया गया और फिर 17 सितंबर को मिलने के लिए बुलाया गया।पंकज को शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि जिस मुलाकात के लिए वह जा रहा है, वह उसकी जिंदगी की आखिरी यात्रा साबित होगी।

बाइक पर बैठाकर पहुंचा एकता जंगल, पीछे-पीछे पहुंचे आरोपी

पुलिस के अनुसार, पंकज दोनों महिलाओं को अपनी बाइक पर बैठाकर एकता जंगल की ओर गया। इसी दौरान हत्या की साजिश में शामिल पुरुष आरोपी भी वहां पहुंच गए।आरोप है कि जंगल में सभी आरोपियों ने मिलकर पंकज को घेर लिया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद शव को जंगल में ही छोड़ दिया गया और सभी आरोपी वहां से फरार हो गए।

6 दिन बाद मिला क्षत-विक्षत शव

पंकज के लापता होने के बाद परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। 23 सितंबर को एकता जंगल से पंकज का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया।परिजनों ने शुरुआत से ही पंकज की पत्नी के मायके पक्ष के लोगों पर हत्या की आशंका जताई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।

सुराग जुड़ते गए और खुलती गई हत्या की पूरी कहानी

शव बरामद होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल, मृतक के संपर्क में रहे लोगों और अन्य तकनीकी व मानवीय सुरागों की जांच शुरू की। पूछताछ आगे बढ़ी तो पुलिस को हत्या की कथित साजिश की कड़ियां मिलती चली गईं।जांच में पत्नी अनीमा और उसके पिता की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने एक-एक कर उन लोगों तक पहुंच बनाई, जिन्हें कथित तौर पर हत्या की सुपारी दी गई थी। पूछताछ के बाद पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पत्नी से लेकर सुपारी लेने वालों तक, सातों पुलिस की गिरफ्त में

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में अनीमा कुमारी, उसके पिता रामजन्म उरांव, तेतरी देवी, तेतरी देवी का पति पिंटू कुमार, रिंकी देवी, जितेंद्र उरांव और दिलेश्वर सिंह शामिल हैं।पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर और हत्या की साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हत्या की योजना कब और कैसे अंतिम रूप से तैयार हुई तथा वारदात से पहले और बाद में आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क हुआ।इधर,गिरफ्तार सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

 

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