जमशेदपुर गोलीकांड के चार शूटर अंबिकापुर में गिरफ्तार, ट्रांजिट रिमांड पर जमशेदपुर लाए जा रहे

 

जमशेदपुर/अंबिकापुर। जमशेदपुर के सोनारी में चार युवकों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर फरार हुए चार कथित शूटर आखिरकार छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पुलिस के हत्थे चढ़ गए। मणिपुर थाना पुलिस ने रविवार देर शाम नाकेबंदी के दौरान एक अर्टिगा कार को रोककर उसमें सवार चार संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ और पहचान की प्रक्रिया के बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रमेश कुमार, मनोज उर्फ मंटू सरकार, दीपू ओझा और शंकर मुंडा के रूप में हुई है। चारों जमशेदपुर के रहने वाले बताए गए हैं। गोलीकांड के बाद सभी आरोपी वाहन से झारखण्ड की सीमा पार कर छत्तीसगढ़ की ओर भाग निकले थे।

मामला सोनारी थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव स्थित एक रेस्टोरेंट का है। 26 सितंबर की दोपहर चार युवकों को निशाना बनाकर बदमाशों ने करीब 10 से 15 राउंड फायरिंग की थी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरातफरी मच गई। जान बचाकर भागने के दौरान तीन युवकों को गोली लगी, जबकि एक युवक किसी तरह बच निकला। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई गई।वारदात के बाद जमशेदपुर पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी और पड़ोसी राज्यों की पुलिस को भी अलर्ट किया गया। झारखंड से बाहर निकलने वाले संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई।

नाकेबंदी में अर्टिगा रोकते ही खुला राज
इसी दौरान अंबिकापुर के मणिपुर थाना क्षेत्र में पुलिस संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। नाकेबंदी के दौरान पुलिस ने एक अर्टिगा कार को रोका। कार में चार युवक सवार थे। पुलिस को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद चारों से पूछताछ शुरू की गई।जांच में उनकी पहचान जमशेदपुर गोलीकांड के संदिग्ध शूटरों के रूप में हुई। पुलिस ने चारों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। हालांकि, तलाशी के दौरान कार से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ।

CCTV से जुड़ा गिरफ्तारी का कनेक्शन
पुलिस के मुताबिक, जमशेदपुर में हुई फायरिंग के बाद घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई थी। जांच के दौरान चारों आरोपियों के वारदात में शामिल होने की बात सामने आई। इसके बाद उनकी तलाश में पुलिस ने झारखण्ड से बाहर जाने वाले संभावित रास्तों पर भी निगरानी बढ़ाई।

जमशेदपुर पुलिस पहुंची अंबिकापुर
चारों की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही जमशेदपुर पुलिस की टीम अंबिकापुर पहुंच गई। मणिपुर थाना पुलिस ने आरोपियों की मेडिकल जांच समेत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें कोर्ट में पेश किया।मणिपुर थाना प्रभारी सीपी तिवारी के अनुसार, आरोपियों की अर्टिगा कार की तलाशी ली गई थी, लेकिन कोई हथियार बरामद नहीं हुआ। मेडिकल जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद आरोपियों को झारखण्ड पुलिस के हवाले किया गया।
ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद जमशेदपुर पुलिस चारों आरोपियों को लेकर रवाना हो गई है। अब जमशेदपुर में पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गोलीकांड के पीछे की वजह, हथियार और वारदात में अन्य लोगों की भूमिका की जानकारी जुटाएगी।

error: Content is protected !!