एक साल से पुलिस को चकमा दे रहा था अनिल, पहाड़ी की झाड़ियों में मिली लाश; ‘उमा’ टैटू ने खोला राज
बोकारो/देवघर। बोकारो के माराफारी थाना क्षेत्र के बांसगोड़ा जुआ अड्डे पर युवक की हत्या और लूटकांड के बाद करीब एक साल से फरार चल रहे मुख्य आरोपियों में शामिल अनिल कुमार सिंह (32) का अंत देवघर की एक पहाड़ी के पास हुआ। सोमवार को देवघर के देवपहरी इलाके में झाड़ियों के बीच उसका सड़ा-गला शव बरामद किया गया। चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण पहचान मुश्किल थी, लेकिन हाथ पर बना एक टैटू पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुआ।अनिल के दायें हाथ पर ‘उमा’ नाम का टैटू बना था। यह उसकी मां का नाम था। इसी निशान के आधार पर मंगलवार को उसकी बहन मधु कुमारी ने सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में शव की पहचान अपने भाई के रूप में की।
शव मिलने के बाद पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल उसकी मौत की वजह को लेकर है। पंचनामा में सीने पर एक और पीठ पर तीन छोटे गोलाकार जख्म मिलने का उल्लेख है। इन चोटों को देखते हुए गोली लगने की आशंका जतायी गयी है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
डेढ़ माह से घर से बाहर था अनिल
देवघर एसडीपीओ कुलदीप कुमार के अनुसार, शव के पास से एक बाइक बरामद हुई है। बाइक अनिल की मां उमा सिंह के नाम पर बतायी जा रही है। परिजनों के मुताबिक अनिल करीब डेढ़ माह पहले घर आया था। इसके बाद वह दोबारा घर नहीं लौटा।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह देवपहरी की पहाड़ी तक कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। घटनास्थल से मिले सामान और आसपास के इलाकों की भी जांच की जा रही है।
बोकारो से बांका तक कई मामलों में तलाश
अनिल का आपराधिक रिकॉर्ड कई जिलों तक फैला हुआ था। एक अगस्त 2025 की रात माराफारी के बांसगोड़ा जुआ अड्डे पर हुई लूट और युवक की हत्या के मामले में उसकी संलिप्तता सामने आयी थी। पेटरवार थाना क्षेत्र की शराब दुकान में फायरिंग और लूट के मामले में भी उसका नाम आया था।वर्ष 2022 में पेटरवार पुलिस ने आर्म्स एक्ट के मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वर्ष 2023 में मोहनपुर पुलिस ने भी हथियार और गोली के साथ उसकी गिरफ्तारी की थी।बिहार के बांका जिले के बौंसी बाजार स्टेशन रोड स्थित शिव ज्वेलर्स में 30 अगस्त 2025 को हुई लूट और दुकानदार नवीन भुवानियां की हत्या के मामले में भी पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
देवघर, जामताड़ा, गोड्डा, बोकारो और पाकुड़ के अलावा बिहार के बांका जिले की पुलिस के रिकॉर्ड में भी उसका नाम सामने आया था। देवघर के चितरा, सारवां, सोनारायठाढ़ी, पालोजोरी और मोहनपुर थानों में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज होने की बात पुलिस ने बतायी है।
पुलिस को देखते ही फायरिंग कर भागने का आरोप
पुलिस के अनुसार, कुछ समय पहले अनिल दुमका के सरैयाहाट में किराये के कमरे में रह रहा था। गोड्डा के आभूषण दुकान लूटकांड में उसका नाम सामने आने के बाद गोड्डा और बोकारो पुलिस की संयुक्त टीम ने वहां छापेमारी की थी। पुलिस का दावा है कि टीम को देखते ही अनिल ने फायरिंग की और मौके से फरार हो गया।
पाकुड़ में पुलिस चेकिंग के दौरान भी उसके हवाई फायरिंग करते हुए बाइक से भागने की बात सामने आयी थी।
साथी प्रवीण पहले ही जा चुका है जेल
अनिल का साथी प्रवीण कुमार उर्फ पारो भी पुलिस के शिकंजे में आ चुका है।कुछ दिन पहले पाकुड़ पुलिस ने उसे आमड़ापाड़ा आभूषण लूटकांड में गिरफ्तार कर जेल भेजा है।अब अनिल की मौत ने उन तमाम आपराधिक मामलों की जांच को नया मोड़ दे दिया है, जिनमें उसका नाम सामने आया था। पुलिस उसके संपर्क में रहे लोगों और पिछले आपराधिक मामलों को खंगाल रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उसकी मौत हत्या की वजह से हुई या किसी अन्य परिस्थिति में। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

